Bhandara News: तुमसर बीड़ी कामगारों के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष करने वाले कर्मवीर दादासाहेब कुंभारे को उनकी जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। चोखा मेला स्थित उनके स्मारक स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने उनके सामाजिक और श्रमिक आंदोलन में योगदान को याद किया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय बीड़ी मजदूर संघ के अध्यक्ष बी. एम. गजभिये ने मार्गदर्शन करते हुए कहा कि दादासाहेब कुंभारे आंबेडकर आंदोलन के समर्पित नेता थे। उन्होंने बीड़ी श्रमिकों की समस्याओं को सुलझाने के लिए जीवनभर संघर्ष किया और अन्य कारखाना कामगारों को भी न्याय दिलाने का कार्य किया।
उन्होंने बताया कि बीड़ी कामगारों के हित में महत्वपूर्ण कानून ‘बीड़ी सिगार वर्क्स एक्ट’ को मंजूरी दिलाने में उनका अहम योगदान रहा। गजभिये ने कहा कि दादासाहेब कुंभारे की विरासत को संजोना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम में पूर्व नगर परिषद उपाध्यक्ष जयप्रकाश भवसागर और जनार्धन गोस्वामी ने दादासाहेब कुंभारे के संघर्षपूर्ण जीवन और आंदोलन के इतिहास पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम की शुरुआत बौद्ध वंदना से हुई। इस दौरान विशाल गजभिए, अमरकांत काम्बले, सुधाकर डोंगरे, रंजना रामटेके, निवलता चव्हाण, ममता घोड़ीचोर, मनीषा कोसरे, वैष्णवी धारंग, हिमाली बेलूरकर, पलक मेश्राम, नेहा निखाडे सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रकाश चव्हाण ने किया, जबकि आभार सामाजिक कार्यकर्ता निशा गनवीर ने माना।