खरीफ सीजन से पहले एक्शन में कृषि विभाग, बीज-खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए भंडारा में विशेष अभियान शुरू
Bhandara Agriculture News: भंडारा जिले में खरीफ सीजन के लिए कृषि विभाग ने कमर कस ली है। किसानों को नकली बीज और खाद की किल्लत से बचाने के लिए सख्त दिशा-निर्देश और विशेष चेकिंग अभियान जारी है।
How To Prevent Farming Fraud: आगामी खरीफ सीजन की आहट के साथ ही किसानों की व्यस्तता बढ़ गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए भंडारा जिले के तहसील क्षेत्र में गुणवत्ता नियंत्रण विभाग ने एक विशेष अभियान का आगाज किया है। इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक (खाद) और कीटनाशकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
कृषि विभाग की पैनी नजर
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि बीज और खाद की बिक्री में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गुणवत्ता नियंत्रण अधिकारी विलास पात्रीकर ने हाल ही में कृषि केंद्र संचालकों और किसानों के साथ संवाद करते हुए सख्त लहजे में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य बाजार में पारदर्शिता बनाए रखना और किसानों को आर्थिक धोखाधड़ी से बचाना है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
अधिकारी पात्रीकर ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी मेहनत की कमाई का निवेश करते समय बेहद सतर्क रहें। उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए हैं।
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- पक्की रसीद अनिवार्य: केवल अधिकृत और लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खरीदारी करें और हर हाल में पक्का बिल (रसीद) मांगें।
- सैंपल रखें सुरक्षित: भविष्य में किसी भी शिकायत के लिए खरीदे गए बीज का एक छोटा पैकेट या नमूना फसल आने तक संभाल कर रखें।
- अंकुरण क्षमता की जांच: बुवाई (बोवनी) से पहले घर पर ही बीजों की अंकुरण क्षमता की जांच अवश्य कर लें, ताकि बाद में पछताना न पड़े।
खाद की किल्लत और लिंकिंग पर सख्त रुख
अक्सर देखा जाता है कि सीजन के समय कुछ दुकानदार यूरिया या अन्य खाद के साथ किसानों को जबरन कीटनाशक या अन्य गैर-जरूरी सामान खरीदने पर मजबूर करते हैं (जिसे ‘लिंकिंग’ कहा जाता है)। पात्रीकर ने चेतावनी दी है कि यदि कोई विक्रेता खाद के साथ अन्य सामान लेने के लिए दबाव बनाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उसका लाइसेंस भी रद्द हो सकता है।
उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि तहसील में खाद का पर्याप्त भंडार मौजूद है। इसलिए, किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है और न ही उन्हें भारी मात्रा में खाद का अनावश्यक भंडारण करने की आवश्यकता है। विभाग ने किसानों से अनुरोध किया है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। इस अभियान के तहत अब कृषि केंद्रों पर औचक निरीक्षण की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है, जिससे कालाबाजारी करने वाले तत्वों में हड़कंप मचा हुआ है।
