Bhandara Agriculture News: भंडारा जिले में लगातार बढ़ती गर्मी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण खेतों की नमी तेजी से खत्म हो रही है, जिससे फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है, वहां किसानों ने गर्मी की फसल बोई है, लेकिन अब वही फसलें पानी की कमी से जूझ रही हैं।
कड़ी धूप के कारण खेतों की मिट्टी सूखती जा रही है और जलस्रोतों पर भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। कई इलाकों में कुओं का जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है, जिससे सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता घट रही है। खासकर गर्मी में बोई गई धान की फसल और सब्जियों को अधिक पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन वर्तमान स्थिति में किसानों को बार-बार सिंचाई करनी पड़ रही है।
किसानों का कहना है कि बढ़ती गर्मी के कारण फसलों को बचाने के लिए लगातार पानी देना मजबूरी बन गया है। यदि एक बार भी सिंचाई में देरी हुई, तो फसल के सूखने का खतरा बढ़ जाता है। इस कारण किसान दिन-रात खेतों में जुटे हुए हैं और पानी की व्यवस्था करने में लगे हैं।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि किसान अब इस चिंता में हैं कि कहीं पानी की कमी से पूरी धान की फसल बर्बाद न हो जाए। बढ़ती गर्मी और घटते जलस्तर के बीच सिंचाई की व्यवस्था अब सबसे बड़ी जरूरत बन गई है।
विशेषज्ञों का मानना है यदि समय रहते पर्याप्त सिंचाई की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई, तो गर्मी की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। ऐसे में किसानों को जल प्रबंधन के साथ-साथ सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता है, ताकि सीमित पानी में भी फसलों को बचाया जा सके।