

Bhandara Modern Housing Colony: अल्प और अत्यल्प आय वर्ग के नागरिकों को किफायती और पक्का घर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महाराष्ट्र आवास विभाग ने भंडारा शहर से सटे क्षेत्र में 224 फ्लैटों की अत्याधुनिक कॉलोनी तैयार की है। इस परियोजना की खासियत यह है कि जिले में पहली बार पारंपरिक ईंटों का उपयोग किए बिना मलेशिया की 'माय वन' आधुनिक तकनीक से निर्माण किया गया है। ग्राउंड प्लस तीन मंजिल की सात विंग में तैयार इस आवासीय परियोजना का लोकार्पण सितंबर के पहले सप्ताह में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के हाथों किए जाने की योजना है।
कॉलोनी में कुल सात इमारतें बनाई गई हैं। प्रत्येक विंग में 32 न फ्लैट हैं। इस तरह कुल 224 परिवारों को पक्का आशियाना मिल सकेगा। परियोजना में न आधुनिक निर्माण तकनीक के साथ जलापूर्ति, सीवेज प्रबंधन और वर्षा जल व संचयन जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध र कराई गई हैं।
परियोजना में पारंपरिक ईंटों के बजाय 'माय वन' तकनीक का उपयोग किया गया है। इसके माध्यम से मजबूत कंक्रीट की दीवारें और निर्माण के अन्य घटक तैयार किए गए हैं। दरवाजों के फ्रेम भी इसी तकनीक से तैयार किए गए हैं। आधुनिक पद्धति के कारण कम समय में मजबूत और टिकाऊ निर्माण संभव हुआ है।
कुल 224 फ्लैटों में से 200 फ्लैटों पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सब्सिडी मिलेगी। म्हाडा द्वारा निर्धारित फ्लैट की मूल कीमत 11 लाख 98 हजार 934 रुपये है। सब्सिडी के बाद पात्र लाभार्थियों को फ्लैट 9 लाख 48 हजार 934 रुपये में उपलब्ध होगा। योजना के लिए पति-पत्नी की संयुक्त वार्षिक आय तीन लाख रुपये तक होने की पात्रता रखी गई है।
अल्प और अत्यल्प आय वर्ग के परिवारों के लिए यह परियोजना किफायती आवास का महत्त्वपूर्ण अवसर है। लोकार्पण के बाद पात्र लाभार्थियों को फ्लैटों का कब्जा कब मिलेगा, इस पर अब नागरिकों की नजर है।
कॉलोनी में जलापूर्ति के लिए 5 हजार, 3 हजार और 2 हजार लीटर क्षमता वाली तीन ओवरहेड टंकियां बनाई गई हैं। इसके अलावा 27 हजार लीटर क्षमता की भूमिगत पानी की टंकी भी तैयार की गई है। प्रत्येक इमारत के लिए अलग बोअरवेल की सुविधा दी गई है। बारिश के पानी के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग तथा सीवेज के उपचार के लिए एसटीपी की व्यवस्था भी की गई है।