बावनथड़ी नदी सूखी, महाराष्ट्र के गांवों में गहराया जलसंकट; राजीव सागर बांध से पानी छोड़ने की मांग
Bhandara Bavanthadi River: तुमसर तहसील में बावनथड़ी नदी सूखने से महाराष्ट्र और मप्र के गांवों में पेयजल व सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने राजीव सागर बांध से पानी छोड़ने की गुहार लगाई है।
Bhandara Water Crisis News: तुमसर तहसील के अनेक गांवों के निकट से होकर बहने वाली बावनथड़ी नदी का जलस्तर अप्रैल माह में ही समाप्त हो गया है। नदी का पूरा पात्र सूख जाने से पेयजल योजनाओं के पंपगृह संकट में आ गए हैं।
इससे महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के कई गांवों की जलापूर्ति प्रभावित होने लगी है। नागरिकों ने राजीव सागर बांध से तुरंत पानी छोड़े जाने की मांग की है। बावनथड़ी नदी के एक किनारे महाराष्ट्र के अनेकों गांव बसे हुए हैं, जबकि दूसरे किनारे मध्य प्रदेश के गांव स्थित हैं। इन गांवों की पेयजल योजनाएं नदी से ही संचालित होती हैं, लेकिन नदी सूखने से पानी आपूर्ति व्यवस्था बाधित हो गई है।
अप्रैल में ही नदी किनारे बसे गांवों पर पानी संकट मंडराने लगा है। गांवों के जलस्रोत भी तेजी से नीचे चले गए हैं और कई कुएं मार्च महीने में ही सूख चुके हैं। नदी के दोनों किनारों पर किसानों ने सिंचाई के लिए कृषि पंप लगाए हैं। यहां धान और सब्जियों की खेती बड़े पैमाने पर होती है।
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नदी से पानी लेने के लिए गड्ढे और कुंड बनाए गए थे, लेकिन नदी सूखने से उनमें भी पानी का स्तर काफी नीचे चला गया है। नदी से करीब पांच किलोमीटर दूर स्थित गांवों के खेतों में बने कुएं भी सूख चुके हैं, जिससे धान और सब्जी उत्पादन पर संकट गहरा गया है। किसान पानी के लिए इधरउधर भटकने को मजबूर हैं।
मई में स्थिति और गंभीर होने की आशंकाबावनथड़ी नदी पर राजीव सागर बांध बनाया गया है। नदी का पात्र सूखने पर पूर्व में बांध से पानी छोड़ा जाता रहा है, लेकिन इस बार अप्रैल में नदी सूखने के बावजूद अब तक पानी छोड़ने का निर्णय नहीं लिया गया है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पानी नहीं छोड़ा गया तो मई महीने में स्थिति और गंभीर हो जाएगी।
