भंडारा में 260 ई-रिक्शा सड़कों पर, यातायात व्यवस्था पर बढ़ा दबाव, नियमों के पालन की जरूरत
Bhandara Traffic Problem: भंडारा में ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या ने यातायात व्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया है। जिले में 260 पंजीकृत ई-रिक्शा और ई-वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
E Rickshaw (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Bhandara E Rickshaw: भंडारा शहर की सड़कों पर पिछले कुछ वर्षों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। एक समय साइकिल रिक्षा और उसके बाद ईंधन से चलने वाले ऑटो से घिरी रहने वाली सड़कों पर अब ईरिक्शा का काफिला दौड़ने लगा है। सुलभ और सस्ते सफर के कारण आम यात्री इन रिक्शों को काफी पसंद कर रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ इन ईरिक्शों की लगातार बढ़ती संख्या और यातायात नियमों के उल्लंघन के प्रति बरती जा रही लापरवाही के कारण शहर के मध्यवर्ती इलाकों में ट्रैफिक जाम की समस्या बेहद गंभीर हो गई है।
उपप्रादेशिक परिवहन कार्यालय आरटीओ से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में जिले के भीतर पंजीकृत कुल 260 ईरिक्शा सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इसमें मुख्य रूप से 122 ईकार्ट, 68 ईरिक्शा, 37 पैसेंजर रिक्शा और 33 ईगुड्स वाहनों का समावेश है।
बढ़ गई है प्रतिस्पर्धा
शुरुआत में इस व्यवसाय में अच्छी कमाई हो रही थी, लेकिन अब हर गली और चौराहे पर ईरिक्शा होने के कारण चालकों के बीच आपसी प्रतिस्पर्धा बहुत ज्यादा बढ़ गई है। कर्ज की मासिक किस्तें समय पर भरना बेहद मुश्किल हो गया है।
सम्बंधित ख़बरें
सपना रह गया अधूरा: दिल्ली जा रहे छत्रपति संभाजीनगर के 4 मोबाइल व्यापारियों की सड़क हादसे में गई जान, 2 गंभीर
छत्रपति संभाजीनगर की New Water Supply Project से 10 दिन में 1500 MM और 15 दिन में 2000 MM पाइपलाइन होगी शुरू
भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसानों ने राज्यपाल से की मुलाकात, आदेश रद्द करने की मांग
Pulse Polio अभियान; रविवार को छत्रपति संभाजीनगर में 2 लाख से अधिक नन्हें बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की खुराक
चालक परमिट प्रक्रिया अनिवार्य
भंडारा के सहायक उपप्रादेशिक परिवहन अधिकारी सतीश जाधव ने कहा कि सड़कों पर लगातार बढ़ती ईवाहनों की संख्या को देखते हुए केंद्र सरकार की नई अधिसूचना के अनुसार यात्री परिवहन में एकसमान नियम लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत अब ईरिक्शा और ईबाइक के लिए भी परमिट प्रक्रिया को अनिवार्य किया जा रहा है। सभी ईरिक्शा चालकों के लिए नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।
ये भी पढ़े: पिंपरी-चिंचवड़: 4500 करोड़ के कर्ज में डूबी PCMC में वीआईपी शौक पर खर्च, नियमों से महंगी गाड़ियां खरीदी
गायब हो गए साइकिल रिक्शा
भंडारा शहर में किसी समय साइकिल रिक्शा का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता था। लेकिन कड़ी मेहनत करने वाले वे पुराने रिक्शा चालक अब समय के साथ पीछे छूट गए हैं। ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण पारंपरिक ऑटो चालकों की जेब पर भी भारी असर पड़ा, ऐसे में ईरिक्शा ने कई परिवारों को रोजगार का नया सहारा दिया है। मात्र 5 से 6 घंटे चार्ज करने के बाद यह रिक्शा 100 से 110 किलोमीटर की दूरी तय कर लेते हैं, जिससे वायु और ध्वनि प्रदूषण में काफी कमी आई है। हालांकि, सुरक्षित सफर के लिए प्रशासन की ओर से इनके लिए स्वतंत्र पार्किंग और अनुशासित यातायात नीति लागू करना अब समय की मांग बन गया है।
ईरिक्सा पंजीकरण की वर्तमान स्थति
| वाहन का प्रकार | संख्या |
|---|---|
| ई-कार्ट | 122 |
| ई-रिक्शा | 68 |
| पैसेंजर रिक्शा | 37 |
| ई-गुड्स वाहन | 33 |
| कुल योग | 260 |
