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भंडारा. जिले में पुलिस अधीक्षक लोहित मतानी ने अवैध धंधों में शामिल अपराधियों की नकेल कसने के बाद रेत तस्करों ने अपराध को अंजाम देने के नए हथकंडे अपनाना शुरू कर दिया. हालांकि भंडारा पुलिस ने उन पर भी मात कर डाली. एक चौंकाने वाली घटना के तहत तुमसर में हाल ही में पदभार संभालने वाली उपविभागीय पुलिस अधिकारी निती पुडी रस्मीताराव ने राजस्व विभाग के साथ की गई एक संयुक्त कारवाई में वाट्सएप ग्रुप के माध्यम से रेत तस्करी का रैकिट चला रहे 22 लोगों पर मामला दर्ज किया.
एसपी मतानी को मिली जानकारी के आधार पर लेखपाल ओमप्रकाश धोंडुजी भूरे और पुलिस टीम ने तुमसर थाना अंतर्गत पेट्रोलिंग के दरम्यान तामसवाड़ी से डोंगरला रोड पर बिना नंबर की ट्रॉली को तस्करी कर के लाई रेत खाली करते हुए देखा. पुलिस ने ट्रैक्टर मालिक श्याम रतनलाल पटले को धर दबोचा. जांच के दौरान सिंघम मैडम और ओआर पर काम 25 नाम के दो वाट्सएप ग्रुप के माध्यम से कुल 21 ग्रुप सदस्य रेत तस्करी करते और दूसरे तस्करों की सहायता करते पाए गए.
सिंघम मैडम और ओआर पर काम 25 नाम के दो वाट्सएप ग्रुप में उपविभागीय पुलिस अधिकारी निती पुडी रस्मीताराव की प्राइवेट टवेरा वाहन और नियमित इस्तेमाल वाली स्कॉर्पियो वाहनों की लोकेशन को वॉयस मैसेज से प्रसारित किया जाता था. इन संदेशों में रेत का उत्खनन करने वाले और तस्करों को अधिकारियों की लोकेशन की जानकारी दी जाती थी.
अफसर घटनास्थल पर पहुंचने से पहले ही तस्कर गायब हो जाते और सबूत नष्ट कर दिए जाते थे. ऐसी ही जानकारी ट्रैक्टर मालिक श्याम रतनलाल पटले को मिलने के बाद वह डोंगरला रोड पर रेत खाली कर सबूत मिटाते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया. तुमसर पुलिस ने कुल 4 लाख का माल जब्त किया है. सोशल मीडिया के माध्यम से अपराध को अंजाम देते रंगे हाथों पकड़े जाने वाली यह जिले की पहली ही घटना है.