Bhandara Forest Fire News: भंडारा में जंगल और पर्यावरण के संरक्षण के लिए वनाग्नि जंगल की आग को रोकना केवल वन विभाग का कर्तव्य नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
यह विचार सेवा संस्था के अध्यक्ष सावन बहेकार ने नवेगांवनागझिरा टाइगर प्रोजेक्ट क्षेत्र में आयोजित वनाग्नि रोकथाम कार्यशाला के दौरान व्यक्त किए। इस विशेष जनजागरण अभियान में नवेगांव, बोंडे, डोंगरगांव, पिटेझरी, नागझिरा, उमरझरी और कोका वन परिक्षेत्र के अधिकारियों, कर्मचारियों, ग्रामीणों और स्वयंसेवकों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि वनाग्नि न केवल पेड़ों को नष्ट करती है, बल्कि यह जैव विविधता और स्थानीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी एक गंभीर संकट है। विशेष रूप से महुआ और तेंदूपत्ता संग्रहण के वर्तमान मौसम में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं।
इसे रोकने के लिए महुआ के पेड़ों के नीचे जमा सूखे पत्तों को ब्लोअर मशीन से साफ करने और संवेदनशील क्षेत्रों की जियोटैगिंग कर डिजिटल रिकॉर्ड रखने की तकनीक पर जोर दिया गया। साथ ही जंगल में ज्वलनशील वस्तुएं न फेंकने और आग लगने की स्थिति में तत्काल सूचना देने की अपील की गई।
तेंदूपत्ता उत्पादन में आती गिरावट वनाग्नि के कारण तेंदूपत्ता उत्पादन में गिरावट आती है और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास नष्ट हो जाते हैं। अभियान के दौरान इको डेवलपमेंट कमेटी और संयुक्त वन प्रबंधन समिति की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा फायर वॉचर्स को आधुनिक सुरक्षा उपकरण व प्रशिक्षण देने की आवश्यकता बताई गई।
इस सफल आयोजन के लिए क्षेत्र संचालक पियुषा जगताप और उपसंचालक प्रीतमसिंह कोडापे का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन में विभिन्न वनपरिक्षेत्र अधिकारियों सहित कन्हैया उदापुरे, शशांक लाडेकर और सेवा संस्था के अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।