सुनेत्रा पवार को रुपाली चाकणकर से है खतरा? खरात मामले की जांच कर रही SIT को मिली शिकायत, मचा सियासी हड़कंप

Sunetra Pawar vs Rupali Chakankar: अशोक खरात मामले की जांच कर रही SIT के पास चौंकाने वाली शिकायत पहुंची है। बीड के एक व्यक्ति ने दावा किया है कि उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की जान को खतरा है।
Sunetra Pawar Threat From Rupali Chakankar
सुनेत्रा पवार व रुपाली चाकणकर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Sunetra Pawar Threat From Rupali Chakankar: महाराष्ट्र के बहुचर्चित ढोंगी बाबा अशोक खरात मामले ने अब एक ऐसा मोड़ ले लिया है, जिसने राज्य की सियासत में भूकंप ला दिया है। इस मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) के सामने एक ऐसी शिकायत आई है, जिसने पुलिस प्रशासन से लेकर मंत्रालय तक हड़कंप मचा दिया है। बीड जिले के एक व्यक्ति ने दावा किया है कि राज्य की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की सुरक्षा को राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रुपाली चाकणकर से गंभीर खतरा है।

SIT के पास पहुंची सनसनीखेज शिकायत

मिली जानकारी के मुताबिक, अशोक खरात मामले की जांच के दौरान बीड का एक शख्स अचानक एसआईटी के सामने पेश हुआ। उसने लिखित शिकायत में आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की जान को जोखिम हो सकता है और इसके पीछे रुपाली चाकणकर का नाम घसीटा गया है। बाबा अशोक खरात के काले कारनामों की जांच कर रही टीम के लिए यह दावा सिरदर्द बन गया है, क्योंकि इसमें राज्य की दो हाई-प्रोफाइल महिला नेताओं के नाम शामिल हैं।

जांच की सुई: सच्चाई या राजनीतिक साजिश?

पुलिस अब इस एंगल से जांच कर रही है कि इस शिकायत में कितनी सच्चाई है। चूंकि महाराष्ट्र में चुनावी और राजनीतिक सरगर्मी हमेशा बनी रहती है, इसलिए पुलिस इस संभावना को भी खारिज नहीं कर रही है कि यह किसी राजनीतिक द्वेष या आपसी रंजिश के चलते किया गया प्रयास हो सकता है। SIT अधिकारी अब शिकायतकर्ता के बयानों की पुष्टि करने और सबूतों को खंगालने में जुटे हैं।

हेल्पलाइन पर शिकायतों का अंबार

अशोक खरात ने जिस तरह से महिलाओं का आर्थिक और शारीरिक शोषण किया, उसके बाद SIT ने पीड़ितों के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किया था। इस हेल्पलाइन पर शिकायतों की बाढ़ आ गई है। अब तक सैकड़ों महिलाओं ने अपनी आपबीती सुनाई है। शिकायतों में केवल ठगी ही नहीं, बल्कि पारिवारिक विवाद और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप भी शामिल हैं।

SIT के लिए सबसे बड़ी चुनौती इन हजारों शिकायतों में से असली और फर्जी मामलों की छंटनी करना है। इस नए खुलासे ने अशोक खरात मामले को केवल एक 'धोखाधड़ी' के केस से बढ़ाकर एक हाई-प्रोफाइल राजनीतिक विवाद में तब्दील कर दिया है। अब सबकी नजरें SIT की अगली रिपोर्ट पर टिकी हैं।

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