छत्रपति संभाजीनगर में टैंकरों के पहिए थमे, 3 लाख लोगों पर गहराया पेयजल संकट

Sambhajinagar Water Tanker Service: भुगतान लंबित रहने से छत्रपति संभाजीनगर में टैंकर जलापूर्ति बंद हो गई। सातारा-देवलाई समेत नो-नेटवर्क क्षेत्रों के करीब तीन लाख लोगों के सामने पेयजल संकट गहरा गया है।
Tanker operations grind to a halt in Chhatrapati Sambhajinagar; drinking water crisis deepens for 3 lakh people.
छत्रपति संभाजीनगर जल संकट, टैंकर सेवा (सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
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Sambhajinagar Drinking Water Supply: छत्रपति संभाजीनगर शहर में टैंकरों के जरिए होने वाली पेयजल आपूर्ति मंगलवार से पूरी तरह ठप हो गई है। महानगरपालिका की ओर से जलापूर्ति करने वाली दोनों ठेका एजेंसियों का कई महीनों से भुगतान लंबित होने के कारण उन्होंने अपनी सेवाएं बंद कर दी हैं।

इसके चलते सातारा-देवलाई और नो-नेटवर्क क्षेत्रों सहित करीब तीन लाख नागरिकों के सामने गंभीर पेयजल संकट खड़ा हो गया है। शहर के कई इलाकों में लोग पानी के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। वहीं, इस घटनाक्रम ने महानगरपालिका की जलापूर्ति व्यवस्था और वित्तीय प्रबंधन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

भुगतान नहीं मिलने पर बंद की टैंकर सेवा

महानगरपालिका जिन क्षेत्रों में नियमित पाइपलाइन के माध्यम से पानी उपलब्ध नहीं करा पाती, वहां निजी ठेकेदारों के जरिए टैंकरों से जलापूर्ति कराई जाती है। इसके लिए राम इन्फ्रास्ट्रक्चर और शेख कन्स्ट्रक्शन को ठेका दिया गया है।

दोनों एजेंसियों का आरोप है कि कई महीनों से उनके बिलों का भुगतान नहीं किया गया। बार-बार मांग और शिकायत के बावजूद भुगतान नहीं मिलने पर उन्होंने मंगलवार से टैंकर सेवा बंद करने का फैसला लिया।

रोजाना 3 लाख लोगों तक पहुंचता था पानी

शहर में दोनों एजेंसियां प्रतिदिन हजारों परिवारों तक पेयजल पहुंचाने का काम करती थीं। राम इन्फ्रास्ट्रक्चर के पास 60 टैंकर हैं, जो सिडको एन-5 जलाशय और नक्षत्रवाड़ी से नो-नेटवर्क क्षेत्रों में प्रतिदिन करीब 250 फेरे लगाते हैं। शेख कन्स्ट्रक्शन के 50 टैंकर शहर के विभिन्न हिस्सों में नियमित जलापूर्ति करते हैं। इन टैंकरों के बंद होने से हजारों परिवारों के सामने पीने के पानी का संकट गहरा गया है।

महीनों से अटका है भुगतान

जानकारी के अनुसार, राम इन्फ्रास्ट्रक्चर का अगस्त 2025 से और शेख कन्स्ट्रक्शन का अक्टूबर 2025 से भुगतान लंबित है। बताया गया कि 10 लाख रुपये से अधिक राशि वाले बिलों को पूर्व लेखापरीक्षण (Pre-Audit) के लिए भेजा गया था, लेकिन विभिन्न आपत्तियां लगाकर उन्हें वापस कर दिया गया। ठेकेदारों ने आवश्यक दस्तावेज दोबारा जमा किए, फिर भी भुगतान स्वीकृत नहीं किया गया।

आयुक्त से भी लगाई गुहार

दोनों एजेंसियों ने इस संबंध में छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका आयुक्त से शिकायत कर लंबित भुगतान जारी करने की मांग की थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं होने पर आखिरकार टैंकर सेवा बंद कर दी गई। अब नागरिकों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द भुगतान कराकर जलापूर्ति बहाल करेगा, ताकि पेयजल संकट से राहत मिल सके।

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