

CM Devendra Fadnavis Strict Instructions: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने छत्रपति संभाजीनगर शहर की महत्वाकांक्षी जलापूर्ति योजना को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शहर के प्रत्येक नागरिक तक शुद्ध, पर्याप्त और नियमित पेयजल पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए जायकवाड़ी परियोजना से संचालित जलापूर्ति योजना के सभी अधूरे कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुंबई स्थित वर्षा निवास पर आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने योजना की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया। बैठक में सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट, सांसद संदीपान भुमरे, विधायक सतीश चव्हाण तथा पूर्व सांसद डॉ. भागवत कराड उपस्थित थे। वहीं, अन्य मंत्रियों और अधिकारियों ने दूरदृश्य प्रणाली के माध्यम से बैठक में भाग लिया।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि जलापूर्ति योजना के कई कार्य अभी अधूरे हैं, जिसके कारण शहरवासियों को योजना का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने संबंधित ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि पानी की टंकियों का निर्माण, पाइपलाइन बिछाने का कार्य और वितरण प्रणाली का काम तत्काल पूरा किया जाए। इसके लिए चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार कर अगली समीक्षा बैठक में प्रस्तुत करने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जल वितरण प्रणाली का हाइड्रोलिक परीक्षण शीघ्र पूरा किया जाए ताकि कहीं भी रिसाव या तकनीकी खामी न रहे। साथ ही शहर में नए घरेलू नल कनेक्शन देने की गति तेज की जाए। उन्होंने ठेकेदार के कार्यों का नियमित मूल्यांकन करने और समय-समय पर प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण को पुरानी जल वितरण व्यवस्था के पुनर्स्थापन का कार्य तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों और गड्ढों की तत्काल मरम्मत की जाए, ताकि वर्षाकाल में दुर्घटनाओं की संभावना समाप्त हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ठेकेदार पर्याप्त संख्या में श्रमिक और संसाधन उपलब्ध कराए, जिससे परियोजना निर्धारित समय सीमा में पूरी हो सके। उन्होंने सभी संबंधित विभागों, छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका और महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि वर्ष 2052 की अनुमानित आबादी को ध्यान में रखते हुए शहर के लिए प्रतिदिन 604 मिलियन लीटर जलापूर्ति क्षमता वाली योजना पर कार्य किया जा रहा है।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट