संभाजीनगर में मुख्य जलवाहिनी की वेल्डिंग उखड़ी; मरम्मत का काम जारी, 15 दिनों में काम पूरा करने के निर्देश

Chhatrapati Sambhajinagar News: छत्रपति संभाजीनगर में 2500 मिमी व्यास की मुख्य जलवाहिनी की वेल्डिंग उखड़ने से जल शुद्धिकरण कार्य प्रभावित हुआ है। अधिकारी युद्धस्तर पर पाइपलाइन की मरम्मत में जुटे हैं।
A major water pipeline leakage near Kavadgaon has disrupted the water purification process in Chhatrapati Sambhajinagar. Repair work is underway on a war footing.
Water Pipeline (सोर्स - सोशल मीडिया)
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Chhatrapati Sambhajinagar Water Pipeline Leakage: छत्रपति संभाजीनगर शहर को पानी आपूर्ति करने के लिए बिछाई गई 2500 मिमी व्यास की मुख्य जलवाहिनी की कवड़गांव के पास वेल्डिंग उखड़ जाने से जल शुद्धिकरण परियोजना तक पानी पहुंचाने और शुद्धिकरण परीक्षण की प्रक्रिया एक बार फिर बाधित हो गई है। हालांकि जलवाहिनी की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर जारी है और रविवार दोपहर बाद पुनः पानी शुरू किए जाने की संभावना अधिकारियों ने व्यक्त की है।

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार छत्रपति संभाजीनगर शहर में 12 जून से नियमित जलापूर्ति शुरू करने की तैयारी महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण तथा जीवीपीआर कंपनी द्वारा की जा रही है। इसी क्रम में जैकवेल से पंपिंग कर मुख्य जलवाहिनी के माध्यम से नक्षत्र वाड़ी स्थित जल शुद्धिकरण केंद्र तक पानी पहुंचाया गया था। लेकिन पाइपलाइन में जमा गाद और गंदगी के कारण पानी अत्यधिक मटमैला आ रहा था। इसके चलते मुख्य जलवाहिनी की सफाई प्रक्रिया शुरू की गई।

जल शुद्धिकरण केंद्र का आयुक्त ने लिया जायजा

इसी दौरान गुरुवार 15 मई की शाम लगभग 4 बजे कवड़गांव स्थित साईं मंदिर से कुछ दूरी पर बटरफ्लाई वाल्व के पास जलवाहिनी से पानी रिसाव होने का मामला सामने आया। स्थिति गंभीर देखते हुए कवड़गांव से बिडकीन के बीच की मुख्य जलवाहिनी को खाली करने के लिए स्कोर वाल्व के माध्यम से पानी छोड़ा गया। शनिवार सुबह से मरम्मत कार्य शुरू किया गया। जेसीबी मशीनों की मदद से पाइपलाइन के ऊपर की मिट्टी हटाकर जलवाहिनी को खुला किया गया। जांच में पाइपलाइन की वेल्डिंग उखड़ी हुई पाई गई। इसके बाद तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार रात तक मरम्मत कार्य पूरा कर रविवार दोपहर बाद जलवाहिनी में फिर से पानी छोड़े जाने की संभावना है। विभागीय आयुक्त जी। श्रीकांत तथा मनपा आयुक्त अमोल येडगे ने शनिवार सुबह नक्षत्र वाड़ी स्थित जल शुद्धिकरण केंद्र का निरीक्षण कर कार्यों की समीक्षा की।

एमबीआर से जटवाड़ा तक पहुंचाया जाएगा पानी

मनपा आयुक्त अमोल येडगे ने महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण, जीवीपीआर कंपनी और मनपा अभियंताओं के साथ शहर में जलापूर्ति शुरू करने में आ रही समस्याओं की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि नक्षत्र वाड़ी स्थित एमबीआर से 1500 मिमी व्यास की जलवाहिनी के माध्यम से पानी आपूर्ति शुरू की जाएगी इस योजना के तहत श्रेयस

इंजीनियरिंग कॉलेज क्षेत्र, देवलाई, एन-1 काला गणपति, गरवारे स्टेडियम, टीवी सेंटर-2, टीवी सेंटर-3, हिमायत बाग, हर्सल जल शुद्धिकरण केंद्र, हर सिद्धी कॉलोनी, हर्सल गांव तथा जटवाड़ा तक प्रतिदिन 77 एमएलडी पानी पहुंचाया जाएगा। पानी वितरण के लिए मनपा के एन-5 और एन-7 क्षेत्र के चार जलकुंभ तथा हरसिद्धी माता और हर्सल जेल क्षेत्र के दो जलकुंभों का उपयोग किया जाएगा।

काम पूर्ण करने के निर्देश

इस दौरान उन्होंने जल शुद्धिकरण संयंत्र, ब्लीचिंग और फिटकरी प्रक्रिया केंद्र, एमबीआर, पाइपलाइन तथा संयंत्र परिसर में जारी फ्लोरिंग कार्य का निरीक्षण किया। विभागीय आयुक्त ने सभी अधूरे कार्य आगामी 15 दिनों में पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही पानी की शुद्धता की जांच तत्काल शुरू कर कम से कम आठ दिन तक परीक्षण प्रक्रिया जारी रखने के आदेश भी दिए। इस अवसर पर कार्यकारी अभियंता दीपेंद्र कोराटे, जीवीपीआर कंपनी के खलील अहमद सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

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