

Chhatrapati Sambhajinagar Water Crisis 2026: महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। छत्रपति संभाजीनगर में सूरज की तपिश के साथ-साथ अब जलसंकट (Water Crisis) भी गहराने लगा है। शहर के कई इलाकों में हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि हजारों नागरिकों को एक-एक बूंद पानी के लिए टैंकरों का इंतजार करना पड़ रहा है। बढ़ती मांग को देखते हुए महानगरपालिका प्रशासन ने टैंकरों की संख्या बढ़ाकर 85 कर दी है।
कुछ सप्ताह पहले तक शहर में जलापूर्ति के लिए 79 टैंकर तैनात थे। हालांकि, मई महीने में तापमान में हुई बेतहाशा वृद्धि और भूजल स्तर (Groundwater Level) के तेजी से नीचे जाने के कारण बोरवेल सूखने लगे हैं। नतीजतन, उन इलाकों में भी पानी की किल्लत हो गई है जहाँ पहले निजी बोरवेल से काम चल जाता था। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 6 अतिरिक्त टैंकर बेड़े में शामिल किए हैं।
शहर के गुंठेवारी और वे इलाके जहाँ अभी तक स्थायी जलवाहिनी (Pipeline) का नेटवर्क नहीं पहुंच पाया है, वहां स्थिति सबसे चिंताजनक है।
शहर के लगभग हर हिस्से से बोरवेल सूखने की खबरें आ रही हैं। इससे न केवल आम नागरिक बल्कि व्यावसायिक संस्थान भी परेशान हैं। गर्मी के कारण जलस्तर इतना नीचे चला गया है कि प्रशासन के लिए नियमित जलापूर्ति बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। घंटों इंतजार के बाद आने वाले टैंकरों के पास महिलाओं और बुजुर्गों की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं।
बढ़ती दिक्कतों के बीच नागरिकों ने प्रशासन और सरकार से गुहार लगाई है कि टैंकर केवल एक अस्थायी विकल्प है। शहर के लिए नई जलवाहिनी योजना को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। स्थायी जल प्रबंधन और रेन वॉटर हार्वेस्टिंग को कड़ाई से लागू किया जाए। टैंकर वितरण में पारदर्शिता हो ताकि हर इलाके को समान रूप से पानी मिल सके।