छत्रपति संभाजीनगर बनेगा ग्लोबल ऑटो हब, टोयोटा लगाएगी अत्याधुनिक SUV निर्माण संयंत्र

Toyota Investment News: टोयोटा मोटर कॉरपोरेशन 2029 तक छत्रपति संभाजीनगर के बिडकीन में नया वाहन निर्माण संयंत्र शुरू करेगी। सालाना 1 लाख SUV उत्पादन का लक्ष्य और हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
Chhatrapati Sambhajinagar to Become a Global Auto Hub; Toyota to Set Up State-of-the-Art SUV Manufacturing Plant
टोयोटा (सोर्स: फाइल फोटो)
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Toyota Bidkin Plant: महाराष्ट्र के औद्योगिक परिदृश्य में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। जापान की अग्रणी वाहन निर्माता कंपनी टोयोटा मोटर कॉरपोरेशन ने छत्रपति संभाजीनगर जिले के बिडकीन औद्योगिक क्षेत्र (AURIC) में अपना नया और अत्याधुनिक वाहन निर्माण संयंत्र स्थापित करने की आधिकारिक घोषणा की है। कंपनी ने लक्ष्य रखा है कि वर्ष 2029 के पहले छह महीनों के भीतर इस संयंत्र से वाहनों का उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा।

SUV मॉडल्स पर रहेगा फोकस

मिली जानकारी के अनुसार, बिडकीन स्थित यह नया संयंत्र आधुनिक रोबोटिक्स और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग तकनीक से सुसज्जित होगा। प्रारंभिक चरण में कंपनी यहाँ मुख्य रूप से स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (SUV) मॉडल्स का निर्माण करेगी। संयंत्र की शुरुआती वार्षिक उत्पादन क्षमता लगभग एक लाख वाहन निर्धारित की गई है, जिसे भविष्य में बाजार की मांग और निर्यात की संभावनाओं को देखते हुए बढ़ाया जा सकता है।

रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को संजीवनी

टोयोटा के इस निवेश का सबसे बड़ा सकारात्मक प्रभाव रोजगार क्षेत्र पर पड़ेगा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस परियोजना से मराठवाड़ा क्षेत्र में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। न केवल ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग, बल्कि लॉजिस्टिक्स, ऑटो-पार्ट्स निर्माण, परिवहन और सेवा क्षेत्र से जुड़े छोटे व मध्यम उद्योगों (MSMEs) को भी इस निवेश से बड़ी ऑक्सीजन मिलेगी। इससे स्थानीय युवाओं के लिए पलायन रोकने और क्षेत्र की क्रय शक्ति बढ़ाने में मदद मिलेगी।

हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक विजन

वर्तमान में टोयोटा के कर्नाटक (बिदादी) संयंत्रों में इनोवा और फॉर्च्यूनर जैसे लोकप्रिय मॉडल बनते हैं। हालांकि, बिडकीन संयंत्र टोयोटा की भविष्य की 'स्वच्छ ऊर्जा' रणनीति का केंद्र बन सकता है। कंपनी यहाँ उन्नत हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के उत्पादन पर विशेष ध्यान देने की योजना बना रही है, जो भारत के पर्यावरण अनुकूल परिवहन लक्ष्यों के अनुरूप है।

बिडकीन ही क्यों?

राज्य सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियां, दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा (DMIC) से निकटता और बेहतर बुनियादी ढांचे के कारण बिडकीन अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की पहली पसंद बना है। टोयोटा का यह कदम ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को वैश्विक स्तर पर मजबूती देगा और छत्रपति संभाजीनगर को पुणे के बाद राज्य के दूसरे सबसे बड़े ऑटोमोबाइल क्लस्टर के रूप में स्थापित करेगा।

– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट

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