

Sambhajinagar Municipal Corporation Job Fraud : छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका से जुड़े ठेका कार्य में नौकरी दिलाने का लालच देकर बेरोजगार युवकों से ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। कचरा संकलन और परिवहन कार्य संभाल रही कंपनी में सुपरवाइजर पद पर नियुक्ति का भरोसा दिलाकर कुछ लोगों ने युवकों से प्रति व्यक्ति 15 हजार रुपये तक वसूल लिए। कई महीने बीत जाने के बाद भी नौकरी नहीं मिलने पर पीड़ित युवकों ने स्थायी समिति के सभापति अनिल मकरिये से शिकायत की, जिसके बाद मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार शहर में कचरा संकलन का कार्य करने वाली कंपनी में भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की सूचना मिलते ही कुछ लोगों ने महानगरपालिका में प्रभाव और पहचान होने का दावा करते हुए बेरोजगार युवकों से संपर्क साधा। आरोप है कि इन लोगों ने नौकरी सुनिश्चित कराने का भरोसा देकर युवकों से पैसे लिए और जल्द नियुक्ति पत्र मिलने का आश्वासन दिया। नौकरी की उम्मीद में कई युवकों ने मांगी गई रकम का भुगतान कर दिया। हालांकि समय बीतने के बावजूद किसी को भी नियुक्ति नहीं मिली। इसके बाद युवकों को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की।
पीड़ित युवकों ने अपने आरोपों के समर्थन में ऑनलाइन भुगतान के स्क्रीनशॉट, बैंक ट्रांजैक्शन की जानकारी और संबंधित व्यक्तियों का विवरण स्थायी समिति के सभापति अनिल मकरिये को सौंपा है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इसी प्रकार सात से आठ युवकों से पैसे वसूले गए हैं।
एक पीड़ित युवक ने बताया कि नौकरी मिलने की उम्मीद में उसके विवाह की बातचीत भी आगे बढ़ गई थी, लेकिन नियुक्ति नहीं मिलने से उसके निजी जीवन पर भी असर पड़ा है। युवक ने कहा कि आर्थिक नुकसान के साथ-साथ सामाजिक और पारिवारिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है।
स्थायी समिति के सभापति अनिल मकरिये ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने की शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायतकर्ता ने ऑनलाइन लेनदेन के प्रमाण भी प्रस्तुत किए हैं, जिन्हें जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की गहन जांच कराई जाएगी और यदि किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन यह भी जांच करेगा कि भर्ती प्रक्रिया के नाम पर युवकों को गुमराह करने वाले लोगों का छत्रपति संभाजीनगर मनपा या संबंधित कंपनी से कोई संबंध है या नहीं।
इस घटना के बाद प्रशासन ने युवाओं से नौकरी के नाम पर किसी भी व्यक्ति को पैसे देने से पहले पूरी जानकारी और सत्यता की जांच करने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि सरकारी या ठेका आधारित भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।