प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhajinagar BJP Shiv Sena Alliance: छत्रपति संभाजीनगर जिला परिषद चुनाव में कुछ सीटों को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था। लेकिन दोनों दलों को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला।
भाजपा को 23 और शिवसेना को 22 सीटों पर जीत हासिल हुई। सत्ता स्थापना के लिए 33 सीटों की आवश्यकता है। ऐसे में अब राज्य और मनपा में साथ सत्ता चला रहे दोनों दल जिला परिषद में भी एकजुट होकर सत्ता बनाने जा रहे हैं।
अध्यक्ष पद के लिए ढाई-ढाई वर्ष का फॉर्मूला तय किया गया है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा के पास सर्वाधिक 23 सदस्य होने के कारण पहले ढाई वर्ष तक अध्यक्ष पद भाजपा के पास रहेगा।
इसके बाद अगले ढाई वर्ष के लिए शिवसेना का अध्यक्ष होगा। इस सत्ता समीकरण में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के 4 सदस्यों का भी समर्थन मिलने की संभावना है। बताया जा रहा है कि उपाध्यक्ष और सभापति पदों में भी तीनों दलों को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।
जिला परिषद चुनाव परिणाम आने के बाद से ही सत्ता गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अध्यक्ष पद खुला वर्ग (ओपन कैटेगरी) के लिए आरक्षित है, जिससे भाजपा के कई सदस्य इस पद के लिए इच्छुक हैं और उन्होंने वरिष्ठ नेताओं के स्तर पर अपनी दावेदारी मजबूत करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। जिला परिषद में सत्ता की चाबी अब गठबंधन के हाथ में है और अध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
यह भी पढ़ें:-ई-चालान नजरअंदाज किया तो डबल जुर्माना! आपके वाहन पर जुर्माना लंबित है? 2 मिनट में ऑनलाइन देखें
| क्रमांक | राजनीतिक दल | निर्वाचित सदस्य |
|---|---|---|
| 1 | भाजपा | 23 |
| 2 | शिवसेना | 22 |
| 3 | राष्ट्रवादी कांग्रेस | 4 |
| 4 | शिवसेना (UBT) | 9 |
| 5 | अपक्ष | 2 |
| 6 | प्रहार | 1 |
| 7 | राष्ट्रवादी (शरद) | 1 |
| 8 | कांग्रेस | 1 |