Sambhajinagar: 900 मिमी लाइन मोड़ने से जलापूर्ति प्रभावित, अमृत परियोजना में समन्वय पर सवाल
Sambhajinagar: एमजीपी द्वारा 900 मिमी जलवाहिनी को बिना सूचना एमबीआर टेस्टिंग के लिए मोड़े जाने से संभाजीनगर के कई हिस्सों में पानी का दबाव कम हो गया। मनपा ने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई।
- Written By: अपूर्वा नायक
पुणे में जल संकट (सौ. सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhajinagar News In Hindi: शहर की महत्त्वपूर्ण नई जलापूर्ति परियोजना की १०० मिमी व्यास वाली मुख्य जलवाहिनी का पानी महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (एमजीपी) ने बुधवार देर रात नक्षत्रवाड़ी स्थित नए मास्टर बैलेंस रिजर्वायर (एमबीआर) की टेस्टिंग के लिए अचानक मोड़ दिया.
मनपा को बिना किसी पूर्व सूचना किए गए इस कदम के कारण गुरुवार को शहर के कई हिस्सों में पानी का दबाव कम हो गया. अचानक सप्लाई घटने से नागरिकों की दिनचर्या प्रभावित हुई, जबकि मनपा प्रशासन ने जीवन प्राधिकरण के प्रति नाराजगी व्यक्त की.
गुरुवार सुबह बढ़े हुए 26 एमएलडी पानी की नियमित आपूर्ति बंद हो गई, जिससे कई जलकुंभों का भंडार तेजी से घटता गया. कम दाब, सीमित मात्रा और कुछ क्षेत्रों में अनियमित जलप्रवाह के कारण जलापूर्ति विभाग को स्थिति संभालने में काफी दिक्कतें आई।
सम्बंधित ख़बरें
Nagpur: महिला की मौत के बाद जागी मनपा, कचरा गाड़ी चालकों के होंगे ड्रंक टेस्ट
BMC Budget 2026-27: लंबी बहस पर लगाम, नगरसेवकों के लिए 10 मिनट का फॉर्मूला लागू
करोड़ों का बजट, फिर भी स्वास्थ्य केंद्र पर ताला, निरीक्षण में खुली गंगापुर तहसील की बदहाली की पोल
KEM Hospital का बदलेगा नाम, ‘कौशलश्रेष्ठ एकलव्य स्मारक अस्पताल’ प्रस्ताव को मिली मंजूरी
जांच में पता चला कि 900 मिमी की मुख्य लाइन को सीधे एमबीआर की ओर मोड़ा गया है. इसके बाद मनपा अधिकारियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया और सूचनाओं के अनुसार एमजीपी को निर्देश दिया कि एमबीआर टेस्टिंग के लिए केवल 30 प्रतिशत पानी ही उपयोग में लाया जाए, इससे अधिक नहीं।
नई पेयजल योजना में समन्वय की दिखी कमी
अमृत योजना के तहत लागू की रही नई जलापूर्ति परियोजना अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, लेकिन मनपा और प्राधिकरण के बीच समन्वय की कमी एक बार फिर उजागर हुई है. दिसंबर अंत तक शहर को 200 एमएलडी अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराना प्रस्तावित है, जिसके लिए 900 मिमी जलवाहिनी मुख्य आधार मानी जा रही है।
ये भी पढ़ें :- Pune: रूपाली ठोंबरे की पोस्ट से राजनीतिक गर्मी, शरद पवार या शिवसेना में जाएगी?
टाकली फाटा में 2,500 मिमी पाइपलाइन जोडने के लिए 17 नवंबर से छह दिन का शटडाउन लिया गया था. कार्य में देरी होने से 900 मिमी जलवाहिनी पूरे 17 दिन बंद रही. लगभग 18 दिन बाद मंगलवार रात लाइन शुरू हुई और शहर को 26 एमएलडी अतिरिक्त पानी मिलना शुरू हुआ. लेकिन दो दिन बीतते ही एमबीआर टेस्टिंग ने इस लाइन को फिर विवादों में ला दिया।
