साइबर ठगों का नया पैंतरा! पेंशन कार्ड का झांसा देकर 82 वर्षीय बुजुर्ग से ठगे 7.20 लाख रुपये

Pension Card Fraud: संभाजीनगर में साइबर ठगों ने पेंशन कार्ड बनवाने का झांसा देकर 82 वर्षीय सेवानिवृत्त बुजुर्ग से ₹7.20 लाख की ऑनलाइन ठगी कर ली। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
New ploy by cyber fraudsters! 82-year-old man swindled out of ₹7.20 lakh under the pretext of a pension card.
भाजीनगर, साइबर ठगी, पेंशन कार्ड,(सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
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Chhatrapati Sambhajinagar Cyber Fraud: छत्रपति संभाजीनगर में साइबर ठगों ने एक बार फिर बुजुर्ग को निशाना बनाते हुए पेंशन कार्ड बनवाने का झांसा देकर 82 वर्षीय सेवानिवृत्त व्यक्ति से 7 लाख 20 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली। आरोपियों ने खुद को बैंक ऑफ महाराष्ट्र का प्रतिनिधि बताकर व्हाट्सऐप पर फर्जी आवेदन पत्र भेजा और उसे भरवाने के बहाने बैंक खातों तक पहुंच बनाकर पूरी रकम उड़ा ली।

मामले में उस्मानपुरा पुलिस थाने में अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, प्रशांत नगर निवासी व्यंकट वासुदेव जोशी (82) अपनी पत्नी के साथ रहते हैं।

वे सेवानिवृत्त हैं और पेंशन से ही परिवार का गुजारा चलता है। उनका बेटा नौकरी के सिलसिले में मुंबई में रहता है। जोशी के बैंक ऑफ महाराष्ट्र के दो तथा उदगीर स्थित एक संयुक्त बैंक खाते से एक ही मोबाइल नंबर लिंक है।

पेंशन कार्ड के नाम पर बुजुर्ग से ₹7.20 लाख की ठगी

बताया गया कि 24 जुलाई की रात उनके व्हाट्सऐप पर एक अज्ञात मोबाइल नंबर से बैंक ऑफ महाराष्ट्र के नाम से पीडीएफ प्रारूप में कथित पेंशन कार्ड आवेदन पत्र भेजा गया। फॉर्म देखने पर उन्होंने उसे भरना शुरू किया, लेकिन कुछ जानकारी समझ में नहीं आने के कारण प्रक्रिया बीच में ही छोड़ दी।

इसी दौरान उसी नंबर से व्हाट्सऐप कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक का अधिकारी बताते हुए शेष जानकारी भरने में मदद की और भरोसा दिलाया कि दो दिन के भीतर उनका पेंशन कार्ड जारी कर दिया जाएगा। बुजुर्ग ने उसकी बातों पर विश्वास कर मांगी गई जानकारी साझा कर दी।

कुछ समय बाद उनके मोबाइल पर बैंक खाते से रकम डेबिट होने के संदेश आने लगे। जांच करने पर पता चला कि उनके बैंक ऑफ महाराष्ट्र के दोनों खातों और संयुक्त खाते से कुल 7 लाख 20 हजार रुपये अलग-अलग ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए निकाल लिए गए हैं। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने शुरू की जांच

उस्मानपुरा पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर मोबाइल नंबर, बैंक ट्रांजेक्शन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रकम किन खातों में ट्रांसफर की गई और आरोपियों का नेटवर्क कहां से संचालित हो रहा था।

पुलिस की अपील

पुलिस ने नागरिकों, विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि किसी भी बैंक, सरकारी योजना या पेंशन संबंधी प्रक्रिया के नाम पर व्हाट्सऐप, एसएमएस या कॉल के माध्यम से भेजे गए लिंक, पीडीएफ, एपीके फाइल या आवेदन पत्र पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी साझा करने से पहले संबंधित बैंक शाखा या अधिकृत कार्यालय से पुष्टि अवश्य करें।

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