

Sambhajinagar Industrial Suppliers Crisis: छत्रपति संभाजीनगर शहर के उद्योगों को कच्चा माल, मशीनरी च विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराने वाले सप्लायर्स इस समय गंभीर संकट से जूझ रहे हैं।
इंडस्ट्रियल सप्लायर्स असोसिएशन के 300 से अधिक सदस्य उद्योगों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराते हैं, लेकिन गैस की कमी, कच्चे माल की किल्लत और बड़ती महंगाई ने स्थिति को कठिन बना दिया है।
करीब 150 से अधिक सप्लायर्स ऐसे हैं, जिन पर आर्थिक संकट गहराने लगा है और उनके सामने रोजी रोटी का सवाल खड़ा हो गया है। शहर के औद्योगिक क्षेत्र के लिए आवश्यक सामग्री बड़े पैमाने पर मुंबई, पुणे, नाशिक के साथ-साथ अहमदाबाद, सूरत व दिल्ली जैसे औद्योगिक बाजारों से मंगाई जाती है।
कुछ विशेष मशीनरी व तकनीकी उपकरण विदेशों से भी आयात किए जाते हैं। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और युद्ध जैसी स्थिति के कारण कच्चे माल की उपलब्धता प्रभावित हुई है, जिससे कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। इसके साथ ही परिवहन लागत भी काफी बढ़ गई है, जिससे समय पर और किफायती दरों में सामग्री उपलब्ध कराना मुश्किल हो गया है।
सप्लाई चेन में आई बाधाओं का सबसे अधिक असर लघु व मध्यम उद्योगों पर पड़ रहा है, ऐसे मैं सरकार से कच्चे माल की उपलब्धता बढ़ाने, परिवहन लागत नियंत्रित करने व सप्लायर्स को राहत देने वाली नीतियां लागू करने की मांग की जा रही है, हालांकि, माल ढुलाई के खर्च में वृद्धि के बावजूद सप्लायर्स ने उद्योगों पर अतिरिक्त बोझ न डालने का निर्णय लिया है। असोसिएशन ने सेवाओं के दर में बढ़ोतरी न करने का महत्वपूर्ण फैसला लिया है। जिससे उद्योगों को कुछ हद तक राहत मिलेगी।