

Sambhajinagar City Bus Service: छत्रपति संभाजीनगर में स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरशन से शहर बस सेवा मनपा को हस्तांतरित होने के बाद प्रशासन ने खर्च में कटौती व सेवा सुधार पर जोर दिया है। यांत्रिक विभाग ने बसों की मरम्मत की प्रक्रिया में बदलाव करते हुए इंजन रिपेयरिंग का खर्च काफी कम कर दिया है।
बाहरी कार्यशालाओं पर निर्भर रहने के बजाय विभाग ने अपने तकनीकी कर्मचारियों की मदद से ही मरम्मत शुरू की, जिससे प्रति वस मरम्मत का खर्च लगभग 5 लाख से घटकर 1.5 से 2 लाख रह गया है। नई व्यवस्था के तहत इंजन खराब होने से बंद पड़ी 16 बसों में से अब तक 9 बसों की मरम्मत कर उन्हें दोबारा सेवा में शामिल कर दिया गया है।
इससे अब तक करीब 30 लाख की बचत हुई है। वहीं शेष बसों को भी चरणबद्ध तरीके से दोबारा संचालन में लाने की योजना बनाई गई है। इससे मौजूदा मार्गों पर फेरों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी। साथ ही अतिरिक्त बसें उपलब्ध कराकर सेवा विस्तार को गति मिलने की उम्मीद है।
ईंधन खर्च कम करने के लिए मनपा ने पेट्रोलियम कंपनी से सीधे समझौता किया है। नए अनुबंध के तहत शहर बसों के लिए डीजल उपभोक्ता दर से 3.50 प्रति लीटर कम कीमत पर उपलब्ध कराया जाएगा। इससे बस सेवा के लिए हर महीने होने वाले लगभग 1.5 करोड़ के डीजल खर्च में करीब 6 से 7 लाख की बचत होने का अनुमान है।
वर्ष 2019 में केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर के लिए 100 डीजल बसें खरीदी गई थीं। वर्तमान में ये बसें 38 मार्गों पर संचालित हो रही हैं। स्मार्ट सिटी परियोजना की अवधि समाप्त होने के बाद बस सेवा मनपा को सौंप दी गई।
समय के साथ 22 से अधिक बसें इंजन खराब होने के कारण बंद हो गई थीं, जिससे कई मार्गों पर सेवा प्रभावित हुई। यांत्रिक विभाग के कार्यकारी अभियंता अमोल कुलकर्णी ने कार्यभार संभालने के बाद खर्च की समीक्षा की। बाहरी एजेंसियों से मरम्मत कराने पर अधिक खर्च आने की संभावना को देखते हुए विभाग ने स्वयं मरम्मत का निर्णय लिया।