छत्रपति संभाजीनगर ग्रामीण पुलिस बल मे अनोखी पहल, संवाद से तय की गयी 196 पुलिसकर्मियों कि पोस्टिंग
SP Prakash Jadhav Initiative: एसपी प्रकाश जाधव की पहल से ग्रामीण पुलिस बल में तबादला प्रक्रिया का नया प्रयोग, अधिकारियों ने व्यक्तिगत रूप से सुनीं समस्याएं, पसंदीदा स्थानों पर मिली नियुक्ति।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
पुलिस अधीक्षक प्रकाश जाधव (सोर्सः फाइल फोटो)
Transparent Police Transfers: ग्रामीण पुलिस बल की वार्षिक तबादला प्रक्रिया को इस वर्ष हाल ही में संभाजीनगर ग्रामीण के एसपी का पदभार संभाले प्रकाश जाधव ने एक नई और मानवीय दिशा देते हुए 196 पुलिसकर्मियों के तबादले परामर्श और संवाद के माध्यम से किए। इस दौरान प्रत्येक कर्मचारी की व्यक्तिगत, पारिवारिक तथा स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को विस्तार से समझने के बाद उन्हें उनकी प्राथमिकता और सुविधा के अनुसार नियुक्ति देने का प्रयास किया गया। इस पहल से तबादलों को लेकर होने वाली चिंता और असंतोष में कमी आई है तथा पुलिसकर्मियों के बीच संतोष का माहौल बना है।
सुबह से शाम तक चला परामर्श सत्र
पुलिस अधीक्षक प्रकाश जाधव के मार्गदर्शन में शनिवार 30 मई को पुलिस मुख्यालय के सभागार में यह विशेष प्रक्रिया आयोजित की गई। सुबह करीब साढ़े छह बजे शुरू हुआ परामर्श सत्र शाम पांच बजे तक चला। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने स्वयं प्रत्येक पुलिसकर्मी से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की।
बैठक में कर्मचारियों की पारिवारिक जिम्मेदारियां, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां, बच्चों की शिक्षा, आवागमन की समस्याएं तथा सेवा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। पुलिसकर्मियों द्वारा दिए गए विकल्पों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उनके लिए उपयुक्त स्थानों पर नियुक्तियां तय की गईं।
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196 कर्मचारियों के हुए तबादले
इस वर्ष की तबादला प्रक्रिया में कुल 196 पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया। इनमें 26 सहायक पुलिस उपनिरीक्षक, 84 हवलदार, 29 पुलिस नायक तथा 57 पुलिस सिपाहियों के तबादले किए गए।अधिकारियों का कहना है कि प्रक्रिया को केवल प्रशासनिक औपचारिकता तक सीमित न रखते हुए संवाद और परामर्श के आधार पर संचालित किया गया। इससे कर्मचारियों को अपनी बात रखने का अवसर मिला और निर्णयों के प्रति विश्वास भी बढ़ा।
बढ़ेगा मनोबल और कार्यक्षमता
पुलिस विभाग में तबादलों के दौरान अक्सर कर्मचारियों के बीच चिंता और असमंजस की स्थिति बन जाती है। कई बार पारिवारिक या स्वास्थ्य संबंधी कारणों से कर्मचारियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। लेकिन इस बार वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रत्येक कर्मचारी की स्थिति को समझते हुए निर्णय लिए, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सकारात्मक बनी।
इच्छित अथवा सुविधाजनक स्थानों पर नियुक्ति मिलने से कर्मचारियों के मनोबल में वृद्धि होगी और वे अधिक उत्साह तथा समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकेंगे। कई पुलिसकर्मियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे कर्मचारी हित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया।
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वरिष्ठ अधिकारियों की रही सक्रिय भूमिका
जिला पुलिस स्थापना बोर्ड के माध्यम से संपन्न हुई इस प्रक्रिया में पुलिस अधीक्षक प्रकाश जाधव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत स्वामी, डीवाईएसपी पूजा नागरे, प्रभारी उपाधीक्षक (मुख्यालय) संजय सहाने, प्रभारी उपाधीक्षक आरती पवार तथा प्रभारी उपाधीक्षक विनय सोनवणे ने सक्रिय भागीदारी की। सभी अधिकारियों ने कर्मचारियों की समस्याएं और मांगें सुनकर उन्हें यथासंभव न्याय देने का प्रयास किया।
पुलिस विभाग में अपनाई गई यह नई पहल भविष्य में तबादला प्रक्रिया के लिए एक आदर्श मॉडल साबित हो सकती है। इससे कर्मचारियों और प्रशासन के बीच विश्वास और बेहतर समन्वय को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
