DGP दाते बोले- Gen-Z युवाओं से संवाद जरूरी, केस वापसी की प्रक्रिया शुरू, अभिजीत दीपके पुलिस के संपर्क में

Gen Z Protest Cases Withdrawal: डीजीपी सदानंद दाते ने कहा कि अभिजीत दीपके मई से पुलिस के संपर्क में हैं। जेन-ज़ी आंदोलनकारियों पर दर्ज मामले वापस लेने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
Sadanand Date On Abhijit Deepke Gen Z Protest Cases
DGP सदानंद दाते और अभिजीत दीपके(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Abhijit Deepke Gen Z Protest Cases Withdrawal: छत्रपति संभाजीनगर महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (DGP) सदानंद दाते ने कहा कि कॉक्रोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके मई माह से पुलिस के संपर्क में हैं।

अमेरिका में रहने के दौरान भी उनसे लगातार संवाद होता रहा। उस समय दीपके ने अपने माता-पिता की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की थी, जिसके बाद पुलिस ने उनके परिवार के संपर्क में रहकर आवश्यक कदम उठाए।

FIR वापस लेने की प्रक्रिया

छत्रपति संभाजीनगर पुलिस आयुक्तालय एवं विशेष परिक्षेत्र की समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में दाते ने बताया कि जंतर-मंतर आंदोलन के बाद विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन में शामिल जेन-ज़ी आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि युवाओं की उम्र और उनकी मानसिकता को समझना जरूरी है। संवाद के माध्यम से उन्हें सही दिशा देना पुलिस की प्राथमिकता है।

DGP सदानंद दाते का फोकस

डीजीपी सदानंद दाते ने कहा कि महाराष्ट्र पुलिस की प्राथमिकता सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करना है। उन्होंने बताया कि राज्य में सड़क सुरक्षा अभियानों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और पिछले वर्ष की तुलना में सड़क हादसों में होने वाली मौतों में 540 की कमी दर्ज की गई है।

हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उपलब्धि पर्याप्त नहीं है और दुर्घटनाओं को और कम करने के लिए पुलिस विभाग विभिन्न एजेंसियों के साथ मिलकर व्यापक स्तर पर अभियान चलाता रहेगा। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों के प्रभावी पालन और जनजागरूकता पर विशेष जोर दिया जाएगा।

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खाली पदों पर भर्ती

डीजीपी ने पुलिस भर्ती की जानकारी देते हुए बताया कि विभाग में रिक्त लगभग 22 हजार पदों में से 16 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। शेष अधिकांश उपनिरीक्षक (PSI) पद महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के माध्यम से भरे जाएंगे।

इसके अलावा, वर्तमान में 11 जिलों में संचालित 'सेव लाइफ फाउंडेशन' परियोजना का विस्तार राज्य के अन्य जिलों में भी किया जाएगा, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और लोगों की जान बचाने के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

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