छत्रपति संभाजीनगर: 'ऑपरेशन टाइगर नहीं, ऑपरेशन बाजार'... रोहित पवार का बड़ा राजनीतिक हमला

Sambhajinagar Operation Tiger: रोहित पवार ने 'ऑपरेशन टाइगर' को 'ऑपरेशन बाजार' बताते हुए सांसदों की टूट के पीछे दिल्ली की भूमिका का आरोप लगाया और परिसीमन कानून को लेकर भी सवाल उठाए।
Chhatrapati Sambhajinagar: 'Not Operation Tiger, but Operation Bazaar' Rohit Pawar's major political attack.
रोहित पवार, ऑपरेशन बाजार,(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Chhatrapati Sambhajinagar Operation Bazaar: छत्रपति संभाजीनगर उद्धव ठाकरे गुट के 6 सांसदों को तोड़ने को लेकर राज्य में चल रहे ऑपरेशन टाइगर की चर्चा पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इसे ऑपरेशन टाइगर कहना अनुचित है, क्योंकि इससे बाघ की गरिमा कम होती है। यह कोई 'ऑपरेशन टाइगर' नहीं, बल्कि 'ऑपरेशन बाजार' है।

शहर दौरे पर आए पवार ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में उबाठा के 6 सांसदों के शिवसेना शिंदे गुट में शामिल होने पर कहा कि इस पूरी कार्रवाई में राज्य के नेताओं की विशेष रुचि नहीं थी व प्रदेश भाजपा की भी प्रत्यक्ष रूप से भूमिका नजर नहीं आती। इस पूरे अभियान के लिए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को दिल्ली से ताकत प्रदान की गई है और यह अभियान वहीं से संचालित होने का संदेह है।

दिल्ली नेतृत्व चाहता है कि राज्य में शिंदे की ताकत बढ़ती रहे व भाजपा के स्थानीय नेता सुरक्षित रहें। दावा किया कि सांसदों के बाद अब उबाठा के विधायकों के टूटने की संभावना फिलहाल कम है। रोहित ने दावा किया कि परिसीमन कानून पारित करने के लिए भाजपा को अधिक सांसदों की जरूरत है।

यही कारण है कि तृणमूल कांग्रेस, आम जनता पार्टी, शिवसेना आदि दलों से टूटकर आए सांसदों का इस्तेमाल परिसीमन कानून से जुड़े मतदान में भाजपा के पक्ष में किया जाएगा। यह पूरी राजनीतिक कवायद इसी उद्देश्य से की जा रही है। रोहित ने यह भी कहा कि भाजपा आगे चलकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के सांसदों से भी संपर्क करने का प्रयास कर सकती है।

उन्होंने दावा किया कि राकांपा (शप) का कोई भी सांसद भाजपा में नहीं जाएगा। रोहित ने कहा कि कुछ माह पहले मुंबई दौरे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वर्ष 2029 के चुनाव अकेले लड़ने के संकेत दिए थे।

किसानों के साथ कल करेंगे आंदोलन

यदि भाजपा भविष्य में अकेले चुनाव लड़ती है, तो शिंदे व अजीत पवार गुट के कई विधायक व सांसद भाजपा में शामिल होकर उसके टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं। विधायक रोहित ने राज्य सरकार पर किसानों से किए गए वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके अधिकारों के लिए 29 जून को जालना रोड के केंब्रिज चौक पर आंदोलन किया जाएगा। मुंबई में विधानसभा सत्र के दौरान राकां विधायक सरकार के समक्ष किसानों की मांगें रखेंगे। यदि सरकार ने आंदोलन को दबाने की कोशिश की, तो जेल भरो आंदोलन किया जाएगा।

फसल बीमा के तहत मदद मिलने की घोषणा है अधूरी

रोहित ने याद दिलाया कि किसानों की मांगों के समर्थन में पंढरपुर में अन्नत्याग किया था। तब सरकार के वादों के बाद आंदोलन वापस लिया गया था। अब तक उन वादों की पूर्ति नहीं की गई। जटिल शर्तें हटाकर सभी किसानों को बिना भेदभाव कर्जमाफी दे।

किसानों को तबाही को देखकर फसल बीमा योजना के नियमों में बदलाव की भी मांग का वचन सरकार ने पंढरपुर की पवित्र भूमि पर भी नहीं निभाया, रोहित ने कहा कि वर्ष 2025 में वर्षा से क्षति देखकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 31,000 करोड़ रुपये की मदद देने का वादा किया था, मगर किसानों को सिर्फ 10,000 करोड़ रुपये ही मिले।

यही नहीं, फसल बीमा के तहत 15,000 करोड़ रुपये किसानों को मिलने की घोषणा भी अधूरी है। आंदोलन में महाविकास आघाड़ी के घटक दलों, विभिन्न किसान संगठनों, विद्यार्थियों व किसानों की भागीदारी रहेगी।

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