Sambhajinagar: Waluj में धार्मिक टकराव, बिना अनुमति मूर्तियों और कार्यक्रमों ने बढ़ाया तनाव!
Sambhajinagar के वालुज इलाके में खुले प्लॉट पर बिना परमिशन के धार्मिक कार्यक्रम करने के अपराध में 8 लोगों के खिलाफ MIDC Waluj पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करायी गई है।
- Written By: अपूर्वा नायक
छत्रपति संभाजी नगर (सौ. सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhajinagar News In Hindi: सिडको वालूज महानगर 2 स्थित साउथ सिटी में आरक्षित खुले भूखंड पर बगैर अनुमति धार्मिक गतिविधियां करने वाले दोनों समूहों के कुल 8 लोगों के खिलाफ एमआईडीसी वालूज पुलिस थाने में फरियाद दर्ज कराई है।
इनमें साउथ सिटी निवासी कुंदन दिनकर लाटे, भीकाजी ओंकार शिरसाठ, शशिकांत काले, आरजे मुदगल, योगेश थोरात, कृष्णा बोबड़े, सतीश टिखे, राजेंद्र पोल शामिल हैं। वालूज की सहायक वसाहत अधिकारी स्वाति पाटील ने सिडको के प्रशासक भुजंग गायकवाड़ संग दोनों गुटों के खिलाफ फरियाद दी। उन्होंने कहा कि, साउथ सीटी में सिडको का प्लॉट नं 24 – ए। यह 2166।92 वर्ग मीटर क्षेत्रफल के खुले आरक्षित भूखंड पर कुछ निवासियों ने 7 सितंबर को भगवान गौतम बुद्ध की मूर्ति रखी थी।
सिडको की अनुमति के बगैर पंडाल में वर्षावास का धार्मिक कार्यक्रम शुरू किया गया। इसी भूखंड पर 22 सितंबर से नवरात्रोत्सव में देवी की मूर्ति की प्रतिस्थापना की गई थी। यहां सिडको की अनुमति लिए बगैर गरबा रास डॉडिया का भी आयोजन किए जाने से 2 अक्तूबर को देवी का विसर्जन नहीं किया जा सका। अनुयायियों ने कहा था कि, जब तक यहां से भगवान गौतम बुद्ध की मूर्ति स्थानांतरित नहीं की जाती, तब तक देवी की मूर्ति का विसर्जित नहीं किया जाएगा। इसके चलते दोनों समुदायों में तनाव बढ़ गया था।
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सुरक्षा दीवार बनाने का काम किया गया शुरू
वालूज की सहायक वसाहत अधिकारी स्थाति पाटील ने शिकायत में कहा कि परिस्थिति को गंभीरता से लेते हुए सिडकों के अधिकारी व पुलिस आयुक्त ने दोनों गुटों के प्रतिनिधियों से चर्चा कर अतिक्रमण हटाने की अपील की थी। 4 अक्टूबर की शाम भगवान गौतम बुद्ध की मूर्ति पदाधिकारियों ने स्वयं स्थानांतरित करते हुए अतिक्रमण भी हटाया था। तदुपरांत देवी की मूर्ति का विसर्जन भी किया गया था, भूखंड को सरक्षित करने हेतु सिडको प्रशासन ने सुरक्षा दीवार बनाने का काम शुरू कर दिया है। यही नहीं, गड़बड़ी से बचने के लिए कड़ा पुलिस बंदोबस्त लगाया गया है।
