छत्रपति संभाजीनगर के हर्सूल में पीएम आवास योजना के निर्माण में भारी धांधली, ठेकेदार का पेमेंट रोकने की मांग

Chhatrapati Sambhajinagar News: छत्रपति संभाजीनगर के हर्सूल में पीएम आवास योजना के तहत बन रहे मकानों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठे। शिवसेना नगरसेवक ने ठेकेदार के भुगतान पर रोक लगाने की मांग की।
Chhatrapati Sambhajinagar PMAY Housing Project Quality Scam
छत्रपति संभाजीनगर मनपा के शिवसेना नगरसेवक ऋषिकेश प्रदीप जायसवाल (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Chhatrapati Sambhajinagar PMAY Housing Project Quality Scam: छत्रपति संभाजीनगर के हर्सूल स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे आवासों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिवसेना नगरसेवक ऋषिकेश प्रदीप जायसवाल ने मनपा आयुक्त अमोल येडगे को ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्य की स्वतंत्र जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों को हटाने तथा जांच पूरी होने तक ठेकेदार के भुगतान पर रोक लगाने की मांग की है। उनका आरोप है कि घटिया निर्माण के कारण भविष्य में यहां रहने वाले गरीब परिवारों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

थर्ड पार्टी रिपोर्ट में खुलासा: सुरक्षा को लेकर बड़ा खतरा

शिवसेना नगरसेवक ऋषिकेश प्रदीप जायसवाल ने छत्रपति संभाजीनगर मनपा आयुक्त को सौंपे ज्ञापन में दावा किया कि उन्हें इस परियोजना की बेहद खराब गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। उन्होंने बताया कि 21 मई 2026 को थर्ड पार्टी क्वालिटी मॉनिटरिंग एजेंसी (TPQMA) ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी थी। इस रिपोर्ट में निर्माण कार्य के स्तर को अत्यंत निम्न दर्जे का बताया गया था और इमारतों के स्ट्रक्चरल सेफ्टी (संरचनात्मक सुरक्षा) पर गंभीर खतरा होने की बात कही गई थी।

आरोप है कि इतनी गंभीर चेतावनी के बावजूद छत्रपति संभाजीनगर मनपा के जिम्मेदार अधिकारियों ने ठेकेदार पर कार्रवाई करने या काम में सुधार कराने के बजाय, उसके भारी-भरकम बिलों के भुगतान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का काम किया।

निविदा शर्तों और श्रम कानूनों का उल्लंघन

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि निविदा की शर्तों के अनुसार भूमिगत आरसीसी जलाशय का निर्माण एम-30 ग्रेड कंक्रीट और जलरोधी तकनीक से किया जाना था, लेकिन वास्तविक कार्य में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया। इसके अलावा निर्माण स्थल पर श्रमिकों के लिए सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए तथा पीएफ, ईएसआईसी और अन्य श्रम कानूनों के पालन में भी अनियमितताएं होने का आरोप लगाया गया है।

नगरसेवक जायसवाल ने परियोजना में तैनात अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए उन्हें तत्काल हटाकर सक्षम अधिकारियों की नियुक्ति करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस प्रधानमंत्री आवास योजना के मकानों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवार रहने वाले हैं, इसलिए गुणवत्ता से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। मनपा आयुक्त अमोल येडगे ने ज्ञापन स्वीकर कर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

- नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट

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