छत्रपति संभाजीनगर के 'नो नेटवर्क' क्षेत्रों को मिलेगा पानी; वैध नल कनेक्शन के लिए मनपा की एसओपी (SOP) तैयार

Sambhajinagar Water Connection: छत्रपति संभाजीनगर के नो नेटवर्क क्षेत्रों में जल्द अधिकृत नल कनेक्शन मिलेंगे। मनपा एसओपी को अंतिम रूप दे रही है और मंजूरी के बाद नागरिकों से आवेदन मांगे जाएंगे।
'No-network' areas of Chhatrapati Sambhajinagar to get water; Municipal Corporation's SOP for legal tap connections ready.
छत्रपति संभाजीनगर, जलापूर्ति, नल कनेक्शन, (साेर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
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Sambhajinagar Water Connection: छत्रपति संभाजीनगर शहर के वर्षों से जलापूर्ति नेटवर्क से वंचित नो नेटवर्क क्षेत्रों के निवासियों को शीघ्र ही अधिकृत नल कनेक्शन मिलने जा रहा है। इसके लिए महानगर पालिका की ओर से बनाई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

महानगर पालिका आयुक्त अमोल येड़गे ने बताया कि, एसओपी को जैसे ही मंजूरी मिलेगी, नागरिकों से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। यही नहीं, महानगर पालिका की ओर से अधिकृत प्लंबरों के जरिए ही नल कनेक्शन दिए जाएंगे। उन्हीं संपत्तियों को जल कनेक्शन दिया जाएगा, जिनका संपत्ति कर जमा है अथवा जिनकी कर निर्धारण प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

अधिकृत प्लंबरों से ही मिलेंगे नए नल कनेक्शन

उल्लेखनीय है कि शहर में कई बस्तियां ऐसी हैं, जो आज भी महानगर पालिका की अधिकृत जलापूर्ति व्यवस्था से नहीं जुड़ी हैं। ऐसे क्षेत्रों के लोगों को निजी टैंकरों अथवा अवैध जल कनेक्शनों पर अश्रित रहने की नौबत आ रही है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए महानगर पालिका ने नई मानक संचालन प्रक्रिया अर्थात एसओपी बनाई है।

इसके तहत निर्धारित प्रारूप में आवेदन स्वीकारे जाएंगे। जिन संपत्तियों का अभी तक कर निर्धारण नहीं हुआ है, उनका 48 घंटे के भीतर मूल्यांकन कर आगे की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।

मनपा आयुक्त येड़गे ने बताया कि, अवैध कनेक्शनों और पानी की बर्बादी पर रोक लगाने के उद्देश्य से सभी नए नल कनेक्शन केवल अधिकृत प्लंबरों के जरिए ही दिए जाएंगे। उनका कहना रहा कि इस बारे में प्लंबर एसोसिएशन से प्रारंभिक बातचीत भी पूरी हो चुकी है। पूरी प्रक्रिया जलापूर्ति विभाग की निगरानी में संचालित की जाएगी। इसके चलते गुणवत्ता, तकनीकी मानकों व पारदर्शिता सुनिश्चित करने में होगी।

पहले चरण में 9 जलकुंभों से जल

मनपा आयुक्त येड़गे ने बताया कि, नो नेटवर्क क्षेत्रों को नक्षत्रवाड़ी पहाड़ी स्थित संतुलित जलकुंभ (एमबीआर) से बिछाई गई 2,000 मिमी व्यास की मुख्य पाइपलाइन के जरिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा।

यही नहीं, 1,100 और 1,500 मिमी व्यास की पाइपलाइनों से जुड़े विभिन्न जलकुंभों के कार्यक्षेत्र में आने वाली कॉलोनियों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। पहले चरण में शहर के 9 जलकुंभों से चरणबद्ध तरीके से जलापूर्ति शुरू करने की बात भी येड़गे ने कही।

सख्ती के साथ संपत्ति कर वसूली में भी होगी वृद्धि

समझा जाता है कि नल कनेक्शन के लिए संपत्ति कर अनिवार्य किए जाने से अब तक कर निर्धारण से बाहर रही संपत्तियों इसके दायमें आएंगी व उनके पंजीकरण में तेजी आएगी।

नतीजतन, नो नेटवर्क क्षेत्रों के हजारों नागरिकों को नियमित जलापूर्ति का लाभ मिलेगा, वहीं छत्रपति संभाजीनगर महानगर पालिका की संपत्ति कर वसूली में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।

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