Sambhajinagar Crime: फुलंब्री में धारदार हथियार से हमला, संदिग्ध मौत व आपसी विवाद में 3 की जान; आरोपी गिरफतार

Sambhajinagar Murder Case: फुलंब्री तहसील में 15 दिनों के भीतर हत्या की तीन घटनाओं से दहशत का माहौल है। पुलिस ने सभी मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच तेज कर दी है।
Sambhajinagar Crime: Attack with a sharp-edged weapon in Phulambri; three lives lost amidst a suspicious death and a mutual dispute; accused arrested.
फुलंब्री हत्या, प्रतीकात्मक तस्वीर (साेर्स: एआई फोटो)
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Chhatrapati Sambhajinagar Crime News: छत्रपति संभाजीनगर फुलंब्री तहसील में महज 15 दिनों के भीतर हत्या की तीन वारदातें सामने आने से क्षेत्र में चिंता का माहौल है। पाश्री व नरला इलाके में हुई इन घटनाओं ने कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों मामलों के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन नागरिकों में भय का वातावरण बना हुआ है।

पहली घटना 7 जून को पाथ्री में हुई, जहां राजू बनसोड़ को डीजल लाने के बहाने जंगल में ले जाकर धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। इस मामले में संभाजीनगर के सिडको पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है।

दूसरी वारदात 16 जून को नरला शिवार में हुई, यहां 32 वर्षीय विलास घाईट का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। जांच के दौरान हत्या का मामला सामने आने पर पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

तीसरी घटना 18 जून की मध्यरात्रि पानी में हुई। शराब के नशे में घर की सीढ़ियों में बैठे बाबासाहेब मोरे को बाहर निकालने को लेकर विवाद हुआ। इस दौरान कचरू बनसोड़, वसंत बनसोड़ व गणेश बनसोड़ ने की मारपीट में मोरे की मौत हो गई। पुलिस ने तीनों को भी हिरासत में ले लिया है।

गांव-गांव में पुलिस गश्त बढ़ाई गई

वडोद बाजार के सहायक पुलिस निरीक्षक विजय सिंह जोनवाल ने बताया कि नरला व पाची की दोनी घटनाओं के आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है। वहीं जंगल में हुई हत्या के मामले की जांच सिडको पुलिस कर रही है। अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए गांव-गांव में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।

पानी बेचने वालों के पर हुई कार्रवाई

इसके अलावा रिफाइंड सोयाबीन तेल व खुले खाद्य तेल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 5 लाख 75 हजार रुपये का माल कब्जे में लिया गया। 8 लाख रुपये का नकली मावा व निम्न गुणवत्ता वाली कुल्फी के 60 हजार रुपये मूल्य के स्टॉक को भी जब्त किया गया। एफडीए के सह आयुक्त श्रीकांत करकले ने बताया कि आयुक्त तुकाराम मुंढे के मार्गदर्शन में यह अभियान जारी है व खाद्य सुरक्षा कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जार के नाम पर पेयजल बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार मनपा को है। नागरिकों से अपील की गई है कि यदि कहीं मिलावटी पदार्थों की बिक्री हो रही हो तो वे टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं।

18 दिनों में करोड़ों के प्रतिबंधित पदार्थ पुलिस ने किए जब्त

खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने पिछले 18 दिनों में संभाजीनगर, बीड़, जालना व हिंगोली जिलों में विशेष अभियान चलाकर करोड़ों रुपये मूल्य के संदिग्ध व प्रतिबंधित खाद्य पदार्थ जब्त किए हैं। गुटखा, मिलावटी घी, सड़ी सुपारी, नकली मावा व निम्न गुणवत्ता वाले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई की गुटखे के खिलाफ 20 स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें 1 करोड़ 84 लाख रुपये का माल जब्त किया गया।

इस मामले में 17 प्रकरण दर्ज किए गए है, जबकि 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान 17 प्रतिष्ठानों व 8 वाहनों को सील किया गया। भ्रामक विज्ञापनों व गलत लेबलिंग के कारण एनर्जी ड्रिंक के 56 लाख रुपये के स्टॉक पर भी कार्रवाई की गई। वहीं मिलावटी घी के मामले में उत्पादन इकाई को सील कर 13 लाख रुपये का माल जब्त किया गया। एफडीए ने तीन ट्रकों से 2 करोड़ 34 लाख रुपये मूल्य की खराब सुपारी भी जब्त की है।

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