नितिन गडकरी ने सता-विपक्ष दोनों को दिखाया आईना, बोले- सियासत का मतलब सिर्फ 'सत्ता की राजनीति'

राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े का सम्मान समारोह छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित किया गया। इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में इसका मतलब केवल सत्ता की राजनीति है।
राजनीति का मतलब अब सिर्फ ‘सत्ता की राजनीति' रह गया है: गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (सोर्स: एक्स@nitin_gadkari)
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छत्रपति संभाजीनगर: राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े का सम्मान समारोह छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित किया गया। इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद रहे। इस दौरान उनके दिए गए भाषण के बाद एक बार फिर सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि राजनीति वास्तव में समाज सेवा, राष्ट्र निर्माण और विकास का पर्याय है, लेकिन वर्तमान समय में इसका मतलब केवल सत्ता की राजनीति है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी ने कहा कि ‘‘राजनीति में विचारों में मतभेद की समस्या नहीं, बल्कि विचारों की कमी की समस्या है। राजनीति का अर्थ है समाज सेवा, राष्ट्र निर्माण और विकास है, लेकिन अब राजनीति की परिभाषा बदलकर ‘सत्ताकरण' यानी सत्ता की राजनीति ही रह गई है।''

हरिभाऊ बागड़े ने लोगों के कल्याण के लिए काम किया

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि ‘‘पहले, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यकर्ता के रूप में काम करते समय, हमें कई बाधाओं का सामना करना पड़ा। कोई पहचान और सम्मान नहीं था। हरिभाऊ बागड़े ने लोगों के कल्याण के लिए समर्पण के साथ काम किया। मैंने पार्टी कार्यकर्ता के रूप में 20 वर्ष तक विदर्भ की यात्रा की और काम किया।''

पुराने दिनों को किया याद

गडकरी ने कार्यक्रम अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि ‘‘लोग हमारी रैलियों पर पत्थर फेंकते थे। आपातकाल के बाद जिस ऑटोरिक्शा का इस्तेमाल मैं घोषणाएं करने के लिए करता था, लोगों ने उसे जला दिया था।'' मंत्री गडकरी ने कहा कि ‘‘अब हजारों लोग मुझे सुनने आते हैं। लेकिन यह लोकप्रियता मेरी नहीं है, यह हरिभाऊ बागड़े जैसे कार्यकर्ताओं की बदौलत है, जिन्होंने कड़ी मेहनत की और अपना जीवन खतरे में डाला।''

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि पार्टी का एक अच्छा कार्यकर्ता वही होता है, जो पार्टी में कुछ न मिलने पर भी अच्छा व्यवहार करता है। उन्होंने कहा कि जिन्हें कुछ मिलता है, वे स्वाभाविक रूप से अच्छा व्यवहार करते हैं।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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