

Matin Patel Aurangabad High Court: नासिक के चर्चित TCS धर्मांतरण और उत्पीड़न मामले में सह आरोपी बनाए गए AIMIM के नगरसेवक मतीन पटेल की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एक तरफ जहां पुलिस उनकी तलाश में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका (मनपा) ने उनके अवैध निर्माणों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
ताजा अपडेट यह है कि महानगरपालिका द्वारा जारी किए गए अतिक्रमण नोटिस के खिलाफ मतीन पटेल ने बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद खंडपीठ का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन अदालत ने फिलहाल उन्हें कोई भी अंतरिम राहत (Interim Relief) देने से इनकार कर दिया है।
महानगरपालिका के अतिक्रमण विभाग ने 9 मई 2026 को मतीन शेख उर्फ मतीन पटेल को नोटिस थमाया था। इसमें नारेगांव स्थित बिस्मिल्लाह कॉलोनी में उनके दो मकानों और कार्यालय को अवैध बताया गया है। प्रशासन का दावा है कि ये निर्माण बिना किसी आधिकारिक अनुमति के किए गए हैं। नोटिस में दिए गए तीन दिन के समय के भीतर मतीन पटेल की ओर से कोई भी वैध दस्तावेज या संतोषजनक जवाब पेश नहीं किया गया। मनपा के सनियंत्रण अधिकारी संतोष वाहुले के अनुसार, दस्तावेज न मिलने और अदालत से स्टे (रोक) न मिलने के कारण अब नियमों के तहत अवैध ढांचे को गिराने की कार्रवाई कभी भी शुरू की जा सकती है।
मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति वैशाली जाधव-पाटिल ने महानगरपालिका और अन्य प्रतिवादियों को नोटिस तो जारी किया, लेकिन कार्रवाई पर रोक लगाने की याचिकाकर्ता की मांग को स्वीकार नहीं किया। मनपा के अधिवक्ता संभाजी टोपे ने स्पष्ट किया कि अदालत ने स्थगन आदेश नहीं दिया है, जिसका मतलब है कि छत्रपति संभाजीनगर मनपा प्रशासन बुलडोजर चलाने के लिए स्वतंत्र है। मामले की अगली सुनवाई 18 मई को होनी तय हुई है।
नगरसेवक मतीन पटेल ने अपनी याचिका में दलील दी है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित है। उन्होंने अपनी याचिका में दावे किए हैं कि यह जमीन उनके पिता ने 1992 में खरीदी थी और वे तब से वहां रह रहे हैं। वे नियमित रूप से प्रॉपर्टी टैक्स भरते हैं और उनके पास मनपा का No Dues प्रमाणपत्र भी है।
जनवरी 2024 में इसी मकान के नवीनीकरण के लिए बैंक से 20 लाख रुपये का लोन भी लिया गया था। मतीन पटेल का कहना है कि वे विपक्षी दल से जुड़े हैं, इसलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि, प्रशासन इन दावों को दरकिनार कर निर्माण की वैधता पर अड़ा हुआ है।