Post Graduate छात्रों को बड़ी राहत, MUHS ने डिजिटल डिग्री सिस्टम शुरू किया
MUHS ने PG छात्रों के लिए ऑनलाइन डिग्री प्रमाण-पत्र सुविधा शुरू की है। परिणाम घोषित होते ही छात्र 1000 रुपये देकर तुरंत डिजिटल सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकेंगे, जिससे समय और मेहनत दोनों बचेंगे।
- Written By: अपूर्वा नायक
छत्रपति संभाजी नगर (सौ. सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhajinagar News In Hindi: महाराष्ट्र स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (MUHS) ने अपने स्नातकोत्तर छात्रों के लिए अहम डिजिटल सुविधा शुरू की है जिसके तहत अब उन्हें तुरंत डिग्री प्रमाण-पत्र ऑनलाइन मिलेगा।
विवि के प्रभारी कुलपति डॉ। अजय चंदनवाले ने इस ऑनलाइन स्टूडेंट पोर्टल का उद्घाटन परीक्षा नियंत्रक डॉ। संदीप कडू की मौजूदगी में किया। डॉ। चंदनवाले ने कहा कि पीजी छात्रों को आगे की पढ़ाई, नौकरी व अन्य प्रक्रियाओं के लिए अंतिम डिग्री प्रमाण-पत्र को जरूरत होती है। पहले इसके मिलने में काफी समय लगने से छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
कुलपति डॉ अजय ने पोर्टल का किया उद्घाटन
नए ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अब यह प्रमाण-पत्र व विलंब, सरल व तत्काल रूप से मिलेगा। डॉ कडू ने कहा कि छात्र का परिणाम घोषित होते ही वह 1,000 रुपए शुल्क जमा कर वे स्टूडेंट पोर्टल से अपना डिग्री प्रमाणपत्र डाउनलोड कर सकते हैं।
सम्बंधित ख़बरें
Summer Crochet Trend: तपती गर्मी में भी कूल दिखाएगा क्रोशेट फैशन, जानें स्टाइलिंग टिप्स
Sunscreen Guide: हर मौसम में सनस्क्रीन लगाना क्यों जरूरी है, जानें इससे जुड़े हर सवाल का जवाब
Agni Nakshatram 2026: क्या होता है अग्निनक्षत्रम् दोष, कब होगा खत्म और किन बातों का रखें ख्याल
नागपुर में दिखा ‘जीरो शैडो डे’ का अद्भुत नजारा, कुछ पल गायब हुई छाया; रमन विज्ञान केंद्र में उत्साह
इससे उनका समय व धन दोनों की बचत होगी व उन्हें कार्यालयों के चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेगे। ऑनलाइन ट्रांसक्रिप्ट उपलब्ध कराने के बाद छात्रों को डिग्री प्रोविजनल सर्टिफिकेट प्रदान करने के लिए एक छात्र पोर्टल शुरू किया है।
ये भी पढ़ें :- Sambhajinagar में 6 दिन का जलशटडाउन, पैठण रोड पर 2500 मिमी पाइप लाइन कार्य
उसके बाद अब डिग्री प्रमाणपत्र को भी डिजिटल रूप से उपलब्ध कराकर विवि ने अपनी ऑनलाइन सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया है। इस प्रणाली को तैयार करने में सहायक कुलसचिव प्रमोद पाटील व कक्ष अधिकारी रत्नाकर काले का अहम योगदान रहा।
