मराठवाड़ा में मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा, आयुक्त जी. श्रीकांत ने दिए आपदा प्रबंधन निर्देश
Marathwada Monsoon News: मराठवाड़ा में मानसून को लेकर विभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत ने समीक्षा बैठक की। उन्होंने आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य व्यवस्था और 24 घंटे नियंत्रण कक्ष सक्रिय रखने के निर्देश दिए।
- Written By: रूपम सिंह
आयुक्त जी. श्रीकांत (सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
Marathwada Monsoon G Shrikant: आगामी मानसून को देखते हुए मराठवाड़ा के सभी जिलों में आपदा प्रबंधन, बाढ़ नियंत्रण, स्वास्थ्य सेवा, बिजली आपूर्ति व नागरिक सुविधाओं की तैयारी समय रहते पूरी करने के निर्देश विभागीय आयुक्त जी। श्रीकांत ने दिए हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। विभागीय आयुक्तालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मराठवाड़ा के सभी जिलों की मानसून पूर्व तैयारियों का विस्तृत आकलन किया गया।
आयुक्त श्रीकांत ने कहा कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था सुचारू रखने के लिए नालों की सफाई समय पर पूरी की जाए। हर वर्ष जलभराव वाले क्षेत्रों का विशेष निरीक्षण कर स्थायी उपाय किए जाएं। जिलाधिकारी कार्यालयों को 24 घंटे नियंत्रण कक्ष व 1077 टोल फ्री सेवा सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए। जिला, तहसील व गांव स्तर पर आपदा प्रबंधन योजना तैयार कर मॉक ड्रिल आयोजित करने को कहा गया।
बारिश के मौसम में फैलने वाली बीमारियों पर नियंत्रण के लिए दवाओं का पर्याप्त भंडार रखने, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व जिला अस्पतालों को तैयार रखने तथा पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच करने के निर्देश दिए गए। सड़क, पुल व जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने पर जोर दिया गया। सार्वजनिक निर्माण विभाग को मानसून में बाधा बनने वाले रास्तों व पुलों की तत्काल मरम्मत करने के निर्देश दिए गए। संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाने व यातायात व्यवस्था मजबूत रखने को कहा गया। आंधी व भारी बारिश के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित न हो।
सम्बंधित ख़बरें
कम विजिबिलिटी से बदला रूट, दिल्ली-भोपाल फ्लाइट नागपुर डायवर्ट, इंडिगो ने 25 मिनट लगाए चक्कर
महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल: क्या शरद पवार गुट NDA में होगा शामिल? जयंत पाटिल-तावड़े मुलाकात से अटकलें तेज
बारिश थमेगी तभी चलेगी रेल! नागपुर रूट पर बारिश का असर, गीतांजलि-दुरंतो समेत कई ट्रेनें घंटों लेट
महिलाएं आखिर सुरक्षित कहां? काशी-नागपुर ट्रेन में बदसलूकी से यात्रिय आक्रोशीत, सुरक्षा के दावों की खुली पोल
‘दामिनी’ व ‘सचेत’ ऐप से जागरूकता अभियान
बिजली गिरने की घटनाओं से बचाव के लिए ‘दामिनी’ व ‘सचेत’ ऐप का व्यापक प्रचार करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। कृषि विभाग को किसानों के लिए मौसम आधारित फसल नियोजन मार्गदर्शन, वर्षा मापक यंत्रों की जांच, जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया। साथ ही किसानों से फसल व कृषि सामग्री सुरक्षित स्थानों पर रखने की अपील की गई।
बैठक में मनपा आयुक्त अमोल येड़गे, पुलिस अधीक्षक डॉ. विनयकुमार राठौड़, जिप मुख्य कार्यकारी अधिकारी मिन्नू पीएम, कर्नल नंदकिशोर खड़से, सहायक आयुक्त रिता मेत्रेवार, अपर जिलाधिकारी संभाजी अडकुने, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता अतुल चव्हाण, प्रभारी सहायक आयुक्त (राजस्व) सरिता सुत्रावे, उपायुक्त (आपूर्ति)
सुधाकर पवार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। अन्य जिलों के जिलाधिकारी, मनपा आयुक्त, पुलिस प्रशासन, महावितरण, जल संसाधन, स्वास्थ्य विभाग व आपदा प्रबंधन तंत्र के वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
ये भी पढ़ें :- छत्रपति संभाजीनगर: ड्रग्स तस्करी में इस्तेमाल होने वाली निजी ट्रेवल्स की बस का परमिट 30 दिनों के लिए निलंबित
बाढ़ से प्रभावित इलाकों में रहेगी विशेष नजर
नदी किनारे बसे गांवों में सतर्कता बढ़ाने, सुरक्षित स्थानों की तैयारी रखने व बचाव दलों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए। बाढ़ ग्रस्त गांवों की अद्यतन सूची तैयार रखने को भी कहा गया। छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिकाओं व स्थानीय निकाय संस्थाओं को पुरानी व खतरनाक इमारतों का सर्वे कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया, ताकि नागरिकों की जान को खतरा न हो।
