किसानों के लिए फडणवीस सरकार के दो बड़े फैसले; जून में माफ होगा कर्ज, फसल लोन के लिए अब 'सिबिल' की जरूरत नहीं

Devendra Fadnavis Farmer Loan Waiver CIBIL Score Kharif: महाराष्ट्र में जून से माफ होगा किसानों का कर्ज। सीएम देवेंद्र फडणवीस का बड़ा ऐलान, फसल लोन के लिए अब सिबिल स्कोर की जरूरत नहीं।
Devendra Fadnavis CIBIL Score Crop Loan
किसानों को राहत; जून में लागू होगी कर्जमाफी योजना, आसान होगा फसल पर लोन (फोटो क्रेडिट-X)
Published on
Updated on

Devendra Fadnavis CIBIL Score Crop Loan: महाराष्ट्र में मानसून की दस्तक और खरीफ फसलों की बुआई का समय नजदीक आते ही ग्रामीण अंचलों में पैसों को लेकर किसानों की चिंताएं बढ़ने लगी थीं। किसान लगातार मांग कर रहे थे कि सरकार द्वारा घोषित की गई ऋण माफी योजना को फसल की बुआई और कटाई के नए चक्र से पहले ही धरातल पर उतारा जाए ताकि वे नए सिरे से खेती के लिए बैंकों से वित्तीय मदद ले सकें। किसानों की इसी जायज मांग और परेशानी को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में सहकारिता विभाग, कृषि विभाग और प्रमुख बैंकिंग अधिकारियों के साथ एक आपात बैठक बुलाई।

बैठक के बाद आयोजित एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि सरकार ने जून के महीने में ही कर्जमाफी की प्रक्रिया को पूरा करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने बताया, "हमने राज्य में सक्रिय सभी प्रमुख बैंकों के साथ ऋण माफी के तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की है। हम हर हाल में जून में किसानों का कर्ज माफ करना चाहते हैं। बैंकों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे किस प्रारूप (Format) में किसानों के कर्ज का डेटा सरकार को सौंपेंगे, ताकि बिना किसी देरी के सीधे तौर पर अपात्रों को हटाकर असली जरूरतमंद किसानों के खाते में इसका लाभ समय पर ट्रांसफर किया जा सके।"

किसानों को लोन देने में आनाकानी नहीं करेंगे बैंक

इस बैठक का सबसे बड़ा और क्रांतिकारी फैसला फसल ऋण के लिए 'सिबिल स्कोर' की बाध्यता को खत्म करना रहा। अक्सर देखा जाता है कि पिछले किसी कर्ज के बकाया होने या तकनीकी कारणों से किसानों का सिबिल स्कोर खराब हो जाता है, जिसका बहाना बनाकर बैंक की शाखाएं उन्हें नया फसल ऋण देने से साफ मना कर देती हैं। मुख्यमंत्री ने बैंकों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अब कोई भी बैंक किसी भी किसान से फसल ऋण के लिए सिबिल स्कोर की मांग नहीं कर सकता।

आरबीआई की मौजूदगी में जारी हुए कड़े आदेश

मुख्यमंत्री फडणवीस ने आगे बताया कि इस महत्वपूर्ण बैठक में आरबीआई (CIBIL) के वरिष्ठ अधिकारी खुद टेबल पर मौजूद थे और उनकी सहमति के बाद ही यह नीतिगत फैसला लिया गया है। राष्ट्रीयकृत बैंकों के मुख्यालयों को सख्त आदेश जारी कर दिए गए हैं कि वे महाराष्ट्र की अपनी प्रत्येक ग्रामीण और शहरी शाखा को इस संबंध में एक आधिकारिक पत्र भेजें। इस पत्र में स्पष्ट लिखा होगा कि फसल ऋण के लिए सिबिल की कोई आवश्यकता नहीं है। यदि कोई बैंक मैनेजर नियमों का उल्लंघन कर किसान को परेशान करता है, तो उसके खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

खाद-बीज की किल्लत नहीं होने देगी सरकार

कर्जमाफी और आसान लोन के अलावा मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को राज्य के किसी भी जिले में खरीफ सीजन के दौरान उत्तम गुणवत्ता वाले बीजों और उर्वरकों (उर्वरक) की किल्लत न होने देने के निर्देश दिए हैं। कृषि केंद्रों पर होने वाली कालाबाजारी को रोकने के लिए उड़नदस्तों का गठन किया जा रहा है। मौसम विभाग के वर्षा पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए सरकार ने जिला स्तर पर कंट्रोल रूम भी एक्टिव कर दिए हैं ताकि इस साल किसानों को बुआई से लेकर फसल कटाई तक किसी भी स्तर पर प्रशासनिक बाधा का सामना न करना पड़े।

Navbharat Live
navbharatlive.com