मनपा का सख्त फैसला: टैक्स नहीं तो विकास नहीं संभाजीनगर में 200 करोड़ टैक्स वसूली का टारगेट
Sambhajinagar Property Tax: संभाजीनगर मनपा ने फरवरी–मार्च में 200 करोड़ संपत्ति कर वसूली का लक्ष्य तय किया है। बकाया क्षेत्रों में विकास कार्यों पर रोक के निर्देश दिए गए।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Municipal Revenue Tax Recovery: छत्रपति संभाजीनगर मनपा की आय बढ़ाने के लिए प्रशासन ने फरवरी और मार्च के दो महीनों में 200 करोड़ रुपये की संपत्ति कर वसूली का कड़ा लक्ष्य तय किया है।
जिन क्षेत्रों, कॉलोनियों और गलियों में कर भुगतान की स्थिति संतोषजनक नहीं है, वहां सड़क, नाली और अन्य सभी विकास कार्यों पर रोक लगाने के स्पष्ट निर्देश मनपा आयुक्त जी. श्रीकांत ने दिए हैं।
सोमवार 2 फरवरी को मनपा आयुक्त ने विभाग प्रमुखों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में चालू वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित 700 करोड़ रुपये की संपत्ति कर वसूली के लक्ष्य की प्रगति की समीक्षा की गई।
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आयुक्त ने शेष दो महीनों में कर वसूली में तेज बढ़ोतरी करने के निर्देश दिए, इसमें चालू कर के साथ-साथ बकाया कर की वसूली पर भी विशेष जोर दिया गया है।
छूट योजनाओं के चलते कर वसूली में बढ़ोतरी
मनपा द्वारा इस वर्ष लागू की गई शास्ती से आजादी और शास्ती से मुक्ति योजनाओं का कर वसूली पर सकारात्मक असर देखने को मिला है। पहली योजना के तहत बकाया कर पर लगने वाली शास्ती में 95 प्रतिशत तक की छूट दी गई।
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दूसरी योजना में 75 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की गई। इन रियायती का लाभ उठाते हुए नागरिकों ने भुगतान किया, मनपा के इतिहास में पहली बार संपत्ति कर वसूली 200 करोड़ आंकडे को पार कर गई है, अब तक 700 करोड रुपये के कुल लक्ष्य में से लगभग 200 करोड़ रुपए मनपा के खजाने में जमा हो चुके हैं।
