छत्रपति संभाजीनगर में काउंटिंग सेंटर पर बवाल, शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज

Chhatrapati Sambhajinagar: महानगरपालिकाओं के चुनावी नतीजों के बीच छत्रपति संभाजीनगर में भारी हंगामा। पुलिस ने शिवसेना (शिंदे गुट) कार्यकर्ताओं पर किया लाठीचार्ज, पूर्व मेयर विकास जैन समेत कई घायल।
Chhatrapati Sambhajinagar Counting Center Violence
छत्रपति संभाजीनगर में काउंटिंग सेंटर पर शिवसेना कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज के बाद घटना स्थल पहुंचे मंत्री संजय शिरसाट (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Chhatrapati Sambhajinagar Counting Center Violence: महाराष्ट्र की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद अहम है। राज्य की 29 महानगरपालिकाओं के लिए आज सुबह ठीक 10 बजे वोटों की गिनती शुरू हुई। लेकिन नतीजों के रुझान आने से पहले ही छत्रपति संभाजीनगर से हिंसा और हंगामे की खबर सामने आई है। यहां के गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज को मुख्य काउंटिंग सेंटर बनाया गया है, जहां प्रवेश पाने की होड़ में पुलिस और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हो गई।

शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज

मिली जानकारी के मुताबिक, शिवसेना (शिंदे गुट) के कार्यकर्ता मतगणना केंद्र के भीतर जाने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया। इस अफरा-तफरी में शिंदे गुट के कद्दावर नेता और पूर्व मेयर विकास जैन को भी पुलिस की लाठी लगी है। झड़प में कुछ अन्य कार्यकर्ताओं को भी मामूली चोटें आई हैं, जिसके बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया है।

मंत्री शिरसाट ने पुलिस की कर्रवाई पर उठाए सवाल

इस घटना को लेकर महाराष्ट्र के मंत्री संजय शिरसाट ने कहा कि आज वोटों की गिनती हो रही है, और ऐसे दिन जब हमारे कार्यकर्ता सेंटर में आ रहे थे, तो करीब 100 पुलिसवालों ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया और उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया, इस पर कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस को कार्यकर्ताओं के बजाय अपराधियों पर अपनी ताकत दिखानी चाहिए। यह सत्ता का गलत इस्तेमाल है। हम उनके खिलाफ MLC में शिकायत दर्ज करा रहे हैं।

आईडी कार्ड को लेकर शुरू हुआ था विवाद

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब पॉलिटेक्निक कॉलेज में काउंटिंग की तैयारी चल रही थी, तब विभिन्न उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों और समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। पुलिस प्रशासन ने केवल उन्हीं लोगों को अंदर जाने की अनुमति दी जिनके पास चुनाव आयोग द्वारा जारी आधिकारिक पहचान पत्र (Official ID Card) थे।

बिना कार्ड के अंदर घुसने की कोशिश कर रहे कार्यकर्ताओं को जब पुलिस ने रोका, तो बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि कार्यकर्ता सुरक्षा घेरा तोड़कर अंदर घुसने लगे। सुरक्षा की स्थिति को खतरे में देखते हुए पुलिस ने लाठीचार्ज का सहारा लिया। फिलहाल केंद्र के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति को नियंत्रण में रखने की कोशिश की जा रही है।

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