पुणे में गांवों से तो सोलापुर में कर्नाटक से लाए गए मतदाता, बोगस वोटिंग को लेकर सपा ने उठाए सवाल

Maharashtra News: महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनाव के दौरान सोलापुर, पुणे, जालना और बोरीवली में बोगस मतदान के आरोप लगे। अलग-अलग दलों ने बाहरी मतदाता लाने और फर्जी वोटिंग का दावा किया, पुलिस जांच जारी है।
Tamil Nadu voting
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Maharashtra Municipal Election Bogus Voting Allegation: सोलापुर में कर्नाटक से गाड़ियों में भरकर मतदाताओं को लाने का दावा समाजवादी पार्टी की ओर से किया गया है। सोलापुर के प्रभाग क्रमांक 14 में एमआईएम द्वारा बोगस मतदान कराने के लिए कर्नाटक से गाड़ियां मंगाई गईं। समाजवादी पार्टी का कहना है कि करीब दो हजार मतदाताओं को बोगस मतदान के लिए लाया गया था। समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार रियाज खरादी ने दावा किया कि जब इन बोगस मतदाताओं को पकड़ा गया, तो उन्होंने माफी मांगी और वहां से चले गए।

वहीं पुणे में प्रभाग क्रमांक 41 के उम्मीदवार प्रमोद नाना भानगिरे ने आरोप लगाया है कि महादेववाड़ी-उंड्री परिसर में एक निजी वाहन के जरिए ग्रामीण इलाकों से कुछ लोगों को मतदान के लिए लाया गया। प्रमोद नाना भानगिरे शिवसेना (पुणे शहर) प्रमुख हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने खुद उंड्री चौक पर बोगस मतदान पकड़ लिया है और संबंधित लोगों पर पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई की मांग की है।

जालना में बोगस मतदाता हिरासत में

जालना महानगरपालिका के प्रभाग क्रमांक 9 के डबल जिन इलाके में एक मतदाता द्वारा बोगस मतदान किए जाने का संदेह मतदान प्रतिनिधियों ने जताया। इस संदेह के आधार पर पुलिस ने संबंधित मतदाता को हिरासत में लिया है। मतदान प्रतिनिधियों का आरोप है कि संदिग्ध मतदाता ने किसी दूसरे नाम से मतदान किया। हिरासत में लिए गए व्यक्ति का नाम मधुकर देठे बताया गया है। उपविभागीय पुलिस अधिकारी अनंत कुलकर्णी ने जानकारी दी कि यह जांच की जा रही है कि उसने किस नाम से मतदान किया है।

बोरीवली में भगवा गार्ड ने पकड़ा बोगस वोटर

बोरीवली प्रभाग क्रमांक 10 में भगवा गार्ड ने फर्जी वोटर आईडी के साथ एक बोगस वोटर को पकड़े जाने का दावा किया है। भगवा गार्ड का आरोप है कि भाजपा की ओर से फर्जी वोटर आईडी बांटकर लोगों को मतदान के लिए लाया जा रहा है, साथ ही वोटिंग स्लिप भी दी जा रही हैं। इस मुद्दे पर मतदान केंद्र पर आपत्ति दर्ज कराई गई, जिसके बाद स्थानीय विधायक मनीषा चौधरी और भाजपा पदाधिकारियों के साथ गहमा-गहमी हुई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया।

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