एसटी महामंडल पर संकट: डीजल महंगा होने से रोज 70 लाख का अतिरिक्त बोझ, 6,000 करोड़ की देनदारियां लंबित
ST Bus Loss: डीजल की कीमतों में ₹6.35 प्रति लीटर की बढ़ोतरी से महाराष्ट्र एसटी महामंडल पर रोज 70 लाख का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। महामंडल पर पहले से ही 6,000 करोड़ की देनदारियां बकाया हैं।
- Written By: रूपम सिंह
एसटी बस (सोर्स-सोशल मीडिया)
Chhatrapati Sambhajinagar ST Bus Loss: पहले ईंधन पर एसटी का वार्षिक खर्च करीब 3,400 करोड़ रुपये था, परंतु लगातार बढ़ती कीमतों से आर्थिक दबाव और बढ़ गया है। पहले से ही करीब 12,000 करोड़ रुपये के संचयी (घाटे से जूझ रही एसटी चिंताओं में वृद्धि हो गई है।
एसटी परिवहन निगम की डीजल खरीद दर में प्रति लीटर 6.35 रुपये की वृद्धि होने से सेवा पर रोजाना करीब 70 लाख रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। ऐसे में एसटी जैसी जनवाहिनी को बचाने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत है। यह अपील महाराष्ट्र एसटी कर्मचारी कांग्रेस के महासचिव श्रीरंग बरगे ने की। शहर में एसटी कर्मियों की बैठक में शामिल होने पहुंचे बरगे ने पत्रकारों से
बातचीत में बताया कि, एसटी की वित्तीय स्थिति पहले से ही गंभीर बनी हुई है। अप्रैल महीने में ही निगम को करीब 76 करोड़, 47 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
बकाया 6 हजार करोड़ रुपए से अधिक बरगे ने बताया कि भविष्य निधि (पीएफ), ग्रेच्युटी, कर्मचारियों का महंगाई भत्ता, बढ़ा हुआ मकान किराया भत्ता, वार्षिक वेतन वृद्धि
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का अंतर, आपूर्तिकर्ताओं के बकाया व ईंधन भुगतान सहित करीब 6,000 करोड़ रुपये की वैधानिक देनदारियां लंबित हैं। उनका कहना रहा कि राज्य के विकास में अहम भूमिका निभाने वाली एसटी आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों के लिए मुख्य परिवहन साधन मानी जाती है। उसे खस्ता हालत से बचाने के लिए नागरिक आगे आएं।
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सामूहिक प्रयासों से बचाएं ईंधन
10 फीसदी मौसमी किराया वृद्धि समाप्त होने के बाद यह घाटा और बढ़ सकता है। रोजाना का नुकसान 5 करोड़ रुपये तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। एसटी निगम को रोजाना औसतन 10 लाख, 87, 000 लीटर डीजल की जरूरत पड़ती है व अब उसकी खरीद दर बढ़कर करीब 96 रुपये प्रति लीटर हो गई है। ऐसे में 1 जून को 78वें वर्ष में प्रवेश करने जा रही एसटी सेवा के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है।
