Sambhajinagar Smart Energy Management ( सोर्स: सोशल मीडिया)
Chhatrapati Sambhajinagar Smart Energy Management: बिजली विभाग के छत्रपति संभाजीनगर परिमंडल में बिजली बिलों की बढ़ती बकाया राशि को देखते हुए महावितरण ने बकायेदार उपभोक्ताओं के खिलाफ ऑटो डिस्कनेक्शन अभियान शुरू किया है।
जिन उपभोक्ताओं ने निर्धारित समय सीमा में बिल का भुगतान नहीं किया है, उनका बिजली कनेक्शन स्मार्ट मीटर के माध्यम से रिमोट प्रणाली से बंद किया जा रहा है।
बकाया राशि जमा करते ही बिजली आपूर्ति स्वतः पुनः शुरू कर दी जाती है। महावितरण ने 20 फरवरी से राज्यभर में प्रायोगिक आधार पर रिमोट डिस्कनेक्शन अभियान शुरू किया। शुरुआत में कुछ परिमंडलों में यह व्यवस्था लागू की गई।
इसके बाद 23 फरवरी से छत्रपति संभाजीनगर परिमंडल में भी स्मार्ट मीटर लगे बकायेदार उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति ऑटो डिस्कनेक्ट की जा रही है।
छत्रपति संभाजीनगर परिमंडल में लगभग साढ़े दस लाख गैर कृषि उपभोक्ता है। इनमें से करीब चार लाख उपभोक्ताओं के यहा स्मार्ट टीओडी मीटर लगाए जा चुके हैं। इन मीटरों के माध्यम से दिन में बिजली उपयोग करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 80 पैसे की छूट दी जा रही है।
महावितरण की ओर से 9 से 23 फरवरी के बीब स्मार्ट मीटर के संबंध में जन जागरूकता अभियान चलाया गया, जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर स्मार्ट मीटर लगाने के लाभों की जानकारी दी गई, आवासीय सोसायटियों में जाकर निवासियों को भी इस प्रणाली के बारे में बताया गया और स्मार्ट मीटर लगाने का आग्रह किया गया।
छत्रपति संभाजीनगर परिमंडल में पिछले तीन दिनों के दौरान 7 हजार 736 बकायेदार उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति स्मार्ट मीटर की स्वचालित प्रणाली से बंद की गई।
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इनमें से 2 हजार 116 उपभोक्ताओं ने तुरंत बकाया बिल का भुगतान कर पुनः बिजली आपूर्ति शुरू करवा ली। ऑटो डिस्कनेक्शन के बाद भी जिन उपभोक्ताओं ने भुगतान नहीं किया, उनके संबंध में यह जांच की जा रही है कि वे वास्तव में अंधेरे में है या अवैध रूप से बिजली का उपयोग कर रहे है,
स्मार्ट मीटर आधुनिक तकनीक पर आधारित प्रणाली है। इससे सटीक बिलिंग सुनिश्चित होगी और उपभोक्ता अपने बिजली उपयोग पर बेहतर नियंत्रण रख सकेंगे।
दिन में बिजली उपयोग करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 40 पैसे की छूट भी मिल रही है। महावितरण प्रशासन ने दावा किया है कि इस नई व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और बकाया राशि पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।