कर्मचारी सुरक्षा सर्वोपरि, नगरसेवकों की दादागिरी पर FIR तय: आयुक्त जी. श्रीकांत

Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Action: मनपा आयुक्त जी. श्रीकांत ने आदेश दिया है कि कर्मचारियों से बदसलूकी करने वाले नगरसेवकों पर तुरंत फौजदारी मामला दर्ज होगा।
Employee safety is paramount, FIR is scheduled for the highhandedness of corporators: Commissioner G. Srikant
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Chhatrapati Sambhajinagar Civic Administration: छत्रपति संभाजीनगर सोमवार को महानगरपालिका आयुक्त जी. श्रीकांत ने सभी विभाग प्रमुखों की महत्वपूर्ण बैठक लेकर स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के साथ गाली गलौज, धमकी, बदतमीजी या दादागिरी करने वाले नगरसेवक के खिलाफ तत्काल फौजदारी मामला दर्ज किया जाए।

प्रशासन की गरिमा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। आयुक्त ने कहा कि यदि कोई नगरसेवक कार्यालय में आकर दरवाजे को लात मारता है, कर्मचारियों को अपमानित करता है या अनुचित दबाव बनाता है, तो ऐसे मामलों में सीधे फौजदारी मामला दर्ज किए जाएं। अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

कानूनी जानकारों के अनुसार, यदि कोई नगरसेवक अपने पद का दुरुपयोग करता है या अवैध हस्तक्षेप करता है, तो उस पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज हो सकता है। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि आवश्यकता पड़ने पर इन प्रावधानों का उपयोग किया जाएगा। आयुक्त ने बताया कि पिछले करीब छह वर्षों तक मनपा में प्रशासक राज था।

उस दौरान प्रस्ताव अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद पारित होते थे। परंतु, अब मनपा पर बॉडी का गठन हो चुका है। ऐसे में हर प्रस्ताव मनपा की आम सभा अथवा स्थायी समिति में जाना तय है। उस प्रस्ताव पर चर्चा के बाद ही अंतिम निर्णय नियमों के अनुसार ही होगा। शहर में इन दिनों अनेक विकास कार्य जारी हैं।

अनुशासनहीनता और असम्मान स्वीकार नहीं

आयुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि कोई पदाधिकारी या नगरसेवक किसी कार्य को रोकने के लिए दबाव डालता है तो अधिकारी उसके दबाव में न आएं और कार्य जारी रखें। काम रोकना या जारी रखना प्रशासनिक अधिकार है। दबाव में आकर काम रोकने वाले अधिकारी पर भी कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त ने यह भी कहा कि जो भी नगरसेवक अधिकारियों से मिलने आए, उसका सम्मान पूर्वक स्वागत किया जाए और सकारात्मक संवाद रखा जाए। लेकिन अनुशासनहीनता और असम्मान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

58 महिला नगरसेवक निर्वाचित, बदली तस्वीर

सभी विभागों को निर्देश दिए गए कि वे अपने कार्यों के लिए आवश्यक वित्तीय प्रावधान का विस्तृत लेखा जोखा तैयार करें, प्रस्तावों को नगरसेवकों और पदाधिकारियों के समक्ष तथ्यी के साथ प्रस्तुत करना आवश्यक होगा, महापौर और उपमहापौर कार्यालय के लिए स्वीकृत आकृति बंध के अनुसार निर्धारित स्टाफ तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, नगरसेवकों के अधिकृत लेटरहेड के संबंध में भी महापौर से चर्चा कर दिशा निर्देश तय करने को कहा गया हाल ही में संपन्न मनपा चुनाव में 58 महिला नगरसेवक चुनी गई है, मनपा के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं का प्रतिनिधित्व हुआ है।

पूर्व में कई बार महिला नगरसेवकों की जगह उनके पत्तियों के प्रभाव की चर्चा होती रही है। ऐसे में आयुक्त के सख्त निर्देशों के बाद प्रशासन और कुछ जनप्रतिनिधियों के बीच तनाव की स्थिति बनने के संकेत मिल रहे है। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि विकास कार्यों में बाधा, दादागिरी और अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर सहन नहीं की जाएगी।

इन धाराओं में होगी कार्रवाई

  • भारतीय दंड संहिता की धारा 186, सरकारी कार्य में बाधा डालने के लिए।
  • भारतीय दंड संहिता की धारा 353, सरकारी अधिकारी पर हमला या धमकी देने के लिए।
  • महानगरपालिका अधिनियम, स्थानीय कानूनों के उल्लंघन की स्थिति में।
  • भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, यदि प्रकरण में भ्रष्टाचार के तत्व शामिल हों।
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