Chhatrapati Sambhajinagar में छठ महापर्व की धूम, आज होगा संध्या अर्घ्य
Chhatrapati Sambhajinagar में छठ पूजा की भव्य तैयारियां पूरी हो गई है। छठ पूजा के लिए तालाबों पर विशेष सुविधाओं के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम और निःशुल्क परिवहन सेवा से भक्तों में उत्साह का माहौल है।
- Written By: अपूर्वा नायक
छठ पूजा संध्या अर्घ्य (सौ. सोशल मीडिया )
Chhath Puja In Chhatrapati Sambhajinagar: शहर व आसपास के क्षेत्रों में आस्था व नियमों का अद्भुत संगम छठ पर्व की शुरुआत रविवार, 25 अक्टूबर से खरना से हुई। व्रतधारियों ने सोमवार, 27 अक्टूबर को डूबते सूर्य को और मंगलवार, 28 अक्टूबर को उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगे।
छठ पर्व को लेकर अयोध्यानगर, सिडको, एन-7, बालासाहेब ठाकरे उद्यान, एन-8 बॉटनिकल गार्डन वालूज, बजाज नगर, रामलीला मैदान, रांजनगांव, देवलाई तालाब व सातारा तांडा में भक्तिमय माहौल बना हुआ है।
उत्तर भारतीय समाज की बहुतायत संख्या को देखते हुए प्रशासन की ओर से आवश्यक तैयारियां पूरी की गई हैं। व्रति महिलाएं सोमवार की शाम व उषा अर्घ्य देकर अपना व्रत खोलेंगी। सोमवार को अस्तलगामी व मंगलवार को उदयीमान सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। श्री भास्कर उपासना चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से रविवार को सातारा तांडा स्थित तालाब पर सफाई अभियान भी चलाया गया।
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श्रद्धालुओं के लिए वाहन की सुविधा उपलब्ध
किसी भी अप्रिय घटना को टालने के लिए देवलाई तालाब क्षेत्र में दस तैराकी विशेषज्ञ तैनात कर स्वास्थ्य सेवाओं व मोबाइल शौचालयों की व्यवस्था भी की गई है। सोमवार को जन प्रतिनिधियों के आगमन को देखते हुए उनके स्वागत के इंतजाम कर प्रवेश द्वार भी लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं के लिए शहर से कार्यक्रम स्थल तक निःशुल्क परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। छठ पर्व तैयारियों में अध्यक्ष नंदकिशोर सिन्हा, उपाध्यक्ष अखिलेश सिंह, अभय श्रीवास्तव, रविंद्र प्रकाश, रामपत यादव, प्रभात कुमार झा। धनंजय सिंह, रामस्नेही गुप्ता आदि प्रयासरत हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रम की आयोजन
कृष्णा चौबे व उनके साथियों के अलावा मुकेश त्रिपाठी व रागिनी प्रजापति देवलाई स्थित तालाब क्षेत्र में छठी माता के भजन पेश करेंगे। ट्रस्ट के कार्याध्यक्ष विनोद कुमार राय, सचिव राकेश विश्वकर्मा, विजय निषाद महासमिति के कार्याध्यक्ष सुभाष चौरसिया, दीनदयाल निषाद, सत्येंद्र पांडे, भगवानदास मौर्या, ब्रह्मानंद चौधरी, ध्रुपकुमार वर्मा, राजेंद्र विश्वकर्मा, विजय प्रजापति, विनोद साहनी, मुन्नू साहनी व अन्य सदस्य कार्यक्रम में जुटे हैं।
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छठ माता से जुड़ी हुईं कई मान्यताएं
- छठ माता को ब्रह्मा के हृदय से उत्पन्न पुत्री माना जाता है।
- दुर्गा के छठे स्वरूप, अर्थात कात्यायनी को भी छठ माता कहा जाता है।
- छठ मात्ता को सूर्य देव की बहन माना जाता है। इसलिए, उनकी पूजा सूर्य देव के साथ की जाती है।
- छठ माता को बच्चों की रक्षा करने वाली देवी माना जाता है।
- व्रत रखने से सीता, कुंती और द्रौपदी के जीवन के सभी कष्ट दूर हो गए थे।
- विश्वास है कि छठी मैया नवजात की 6 महीनों तक रक्षा करती हैं और उसे हर बुरी शक्ति से बचाती हैं। इस कारण यह वत सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
