Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • शुक्र, 31 जुलाई 2026
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • ई-पेपर
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे को दोहरा झटका: 29 अफसरों ने खोला मोर्चा, बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी दी कड़ी नसीहत

IAS Tukaram Mundhe News: FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे की मुश्किलें बढ़ गई हैं। छत्रपति संभाजीनगर के 29 कर्मचारियों ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, वहीं बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी FDA को सख्त हिदायत दी है।

  • Written By: आकाश मसने
Updated On: Jul 31, 2026 | 12:04 PM

FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे (सोर्स: सोशल मीडिया)

Follow Us
Follow Us:

IAS Tukaram Mundhe Complaint: खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त IAS तुकाराम मुंढे को एक साथ दो बड़े झटके लगे हैं। एक ओर विभाग की छत्रपति संभाजीनगर स्थित राज्य खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला के 29 अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनकी कार्यशैली के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवल को लिखित शिकायत भेजी है, वहीं दूसरी ओर बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी एफडीए की कार्रवाई के तरीके पर कड़ी टिप्पणी करते हुए उसे व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने की नसीहत दी है।

एफडीए के 29 अधिकारियों ने तुकाराम मुंढे की शिकायत की

एफडीए के 29 अधिकारियों ने कमिश्नर तुकाराम मुंढे के खिलाफ विद्रोह कर दिया है. छत्रपति संभाजीनगर में एफडीए प्रयोगशाला के कुल 29 अधिकारियों और कर्मचारियों ने मुंढे के काम करने के तरीके पर आपत्ति जताई है. इस संबंध में विभाग के मंत्री नरहरि झिरवल से शिकायत की गई है.

15 जुलाई को मंत्री को भेजे गए ज्ञापन में कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पर्याप्त मानवबल और संसाधनों के बिना प्रयोगशाला में दो शिफ्टों में काम शुरू कर दिया गया है। इससे कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ा है और जांच की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका पैदा हो गई है। शिकायत पत्र पर 29 अधिकारियों और कर्मचारियों के हस्ताक्षर हैं।

सम्बंधित ख़बरें

स्मार्ट सिटी बस सेवा का कायाकल्प: मनपा कर्मचारियों के हुनर से 30 लाख की बचत, फेरों की संख्या में होगा इजाफा

संभाजीनगर मनपा की अंतिम चेतावनी: 7 अगस्त तक जमा करें फीस, वरना रद्द होंगे जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के आवेदन!

10 दिनों बाद दोबारा शुरू होगी BMC मुख्यालय की कैंटीन, बॉम्बे हाई कोर्ट की एसोसिएशन कैंटीन ने भी बंद की सर्विस

समीर वानखेड़े को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत, जांच में पूछताछ पर अंतरिम रोक

कर्मचारियों ने लगाए गंभीर आरोप

छत्रपति संभाजीनगर में एफडीए की प्रयोगशाला में बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं, लेकिन मौजूदा कर्मचारियों से सुबह 9 बजे से रात 12 बजे तक काम कराया जा रहा है। इतना ही नहीं, शनिवार, रविवार और सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी ड्यूटी करने के निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि अतिरिक्त स्टाफ, तकनीकी सहायकों और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था किए बिना कार्यभार बढ़ा दिया गया है।

उनका आरोप है कि लंबित खाद्य पदार्थों, दवाओं और सौंदर्य प्रसाधनों के नमूनों का जल्द निपटारा करने के दबाव में जांच की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। भारतीय औषधि संहिता (आईपी), ब्रिटिश फार्माकोपिया (बीपी) और यूएसपी मानकों के अनुरूप जांच के लिए पर्याप्त समय आवश्यक होता है। कर्मचारियों ने दो शिफ्टों की व्यवस्था वापस लेने, पूर्ववत कार्यालयीन समय लागू करने तथा अतिरिक्त कार्य के लिए उचित भत्ता और सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।

व्यावहारिक रुख अपनाए, हम भारत में हैं : हाईकोर्ट

उधर, मुंबई के एक होटल का खाद्य लाइसेंस निलंबित करने के मामले की सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट ने एफडीए की कार्रवाई पर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि केवल दो छोटे कीड़े मिलने के आधार पर किसी होटल का लाइसेंस निलंबित करना उचित नहीं माना जा सकता और अधिकारियों को “व्यावहारिक रुख अपनाना चाहिए, क्योंकि हम भारत में हैं।

अदालत ने एफडीए का निलंबन आदेश रद्द करते हुए होटल का लाइसेंस तत्काल बहाल करने के निर्देश दिए। साथ ही मंत्रालय, उच्च न्यायालय और मंत्रियों के स्वामित्व वाले प्रतिष्ठानों की कैंटीनों समेत सरकारी एवं अर्द्ध-सरकारी भोजनालयों का भी निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 31 जुलाई को होगी।

स्कूलों के बाहर जंक फूड पर सख्ती, अब कार्रवाई पर जोर

खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने स्कूल परिसरों और उनके 50 मीटर के दायरे में उच्च वसा, नमक और चीनी (एचएफएसएस) युक्त खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। सभी जिलों में निरीक्षण दल स्कूलों के आसपास की दुकानों, कैंटीनों और खाद्य विक्रेताओं की जांच करेंगे। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई होगी।

यह भी पढ़ें:- समय पर सुनवाई होती तो एकनाथ शिंदे नहीं बनते सीएम, शिवसेना विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में कपिल सिब्बल की दलील

इस फैसले का सबसे अधिक असर स्कूलों के बाहर चिप्स, कोल्ड ड्रिंक, चॉकलेट, कैंडी, इंस्टेंट नूडल्स और अन्य जंक फूड बेचने वाले दुकानदारों और स्कूल कैंटीन संचालकों पर पड़ेगा। सरकार का दावा है कि इससे राज्य के करीब 1।08 लाख स्कूलों में पढ़ने वाले लगभग दो करोड़ विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा और बच्चों में स्वस्थ खान-पान की आदतों को बढ़ावा मिलेगा।

Fda commissioner ias tukaram mundhe 29 officers complaint bombay high court

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jul 31, 2026 | 12:04 PM

Topics:  

  • Bombay High Court
  • Chhatrapati Sambhajinagar
  • Food and Drug Administration
  • Tukaram Mundhe

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.