

Chhatrapati Sambhajinagar Cyber Fraud: छत्रपति संभाजीनगर में साइबर ठगी के एक बड़े मामले में बेगमपुरा पुलिस को अहम सफलता मिली है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और मुंबई पुलिस जांच का डर दिखाकर 84 वर्षीय सेवानिवृत्त प्राध्यापक से 32 लाख 50 हजार रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के दो आरोपियों को गुजरात के जूनागढ़ से गिरफ्तार किया गया है।
इस मामले की जांच पिछले करीब नौ महीनों से चल रही थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजेश कुमार कांजी भाई वडालिया और कनुभाई पुनाभाई चोटानी के रूप में हुई है, जबकि तीसरा आरोपी दीपेन कुमार गिरीश भाई टिलवा अभी फरार है। इसकी जानकारी एसीपी सागर देशमुख ने दी।
छत्रपति संभाजीनगर पुलिस के अनुसार जयसिंग पुरा निवासी सेवानिवृत्त प्राध्यापक सुदाम राजभोज को सितंबर 2025 में साइबर ठगों ने निशाना बनाया था। आरोपियों ने खुद को जांच एजेंसियों से जुड़ा अधिकारी बताते हुए संपर्क किया और दावा किया कि कुलाबा पुलिस थाने में उनके खिलाफ मामला दर्ज है। ठगों ने अवैध संपत्ति और ईडी जांच का भय दिखाते हुए गिरफ्तारी की धमकी दी। लगातार मानसिक दबाव बनाकर आरोपियों ने प्राध्यापक से हस्तलिखित आवेदन लिखवाया और उनके बैंक खातों की पूरी जानकारी हासिल कर ली।
इसके बाद आरोपियों ने उन्हें 28 लाख 50 हजार रुपये की सावधि जमा (एफडी) तुड़वाने के लिए मजबूर किया। आरटीजीएस के माध्यम से यह रकम आरोपियों द्वारा बताए गए खातों में ट्रांसफर कराई गई। इतना ही नहीं, ठगों ने सुप्रीम कोर्ट के फर्जी दस्तावेज और पत्र दिखाकर डर का माहौल और गहरा कर दिया, जिससे वृद्ध प्राध्यापक पूरी तरह उनके जाल में फंस गए।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और कॉल रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों के बैंक खातों में एक ही दिन में करीब 88 लाख रुपये जमा हुए थे। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गुजरात के जूनागढ़ में छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल फरार आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है।