छत्रपति संभाजीनगर: कचरा और प्लास्टिक फैलाने वालों पर मनपा सख्त; 20 दिनों में वसूला 8.5 लाख का जुर्माना

Chhatrapati Sambhajinagar Clean: छत्रपति संभाजीनगर मनपा ने खुले में कचरा फेंकने और प्लास्टिक का उपयोग करने वालों पर 'जीरो टॉलरेंस' अभियान के तहत 'क्लीन स्ट्रीट ऐप' से ₹8.5 लाख का जुर्माना वसूला है।
Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Corporation collected ₹8.5 lakh fine in 20 days via 'Clean Street App' against open garbage dumping and plastic use.
कचरा और प्लास्टिक (सौ. सोशल मीडिया)
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Chhatrapati Sambhajinagar Solid waste management: छत्रपति संभाजीनगर शहर में खुले में कचरा फेंकने, प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग करने व बायोमेडिकल वेस्ट की गलत तरीके से निपटारा करने वालों के खिलाफ महानगरपालिका ने विशेष अभियान शुरू किया है। सड़क पर कचरा फेंकने वाले नागरिकों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है। मनपा की ओर से चलाए जा रहे 'जीरो टॉलरेंस' (शून्य सहनशीलता) अभियान के तहत केवल 20 दिनों में 'क्लीन स्ट्रीट ऐप' के माध्यम से करीब साढ़े आठ लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है।

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि शहर को गंदा करने वालों के खिलाफ जरूरत पड़ने पर आपराधिक मामले भी दर्ज किए जाएंगे। मनपा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विभाग ने घरेलू व व्यावसायिक कचरा संकलन के लिए नई कार्यप्रणाली लागू की है। शहर में 480 से अधिक घंटा गाड़ियों के माध्यम से नियमित कचरा संकलन किया जा रहा है व कई क्षेत्रों में नागरिक गीले-सूखे कचरे का अलग-अलग वर्गीकरण कर रहे हैं।

गंदगी फैलाने वालों पर 'जीरो टॉलरेंस' अभियान हुआ शुरू

इसके बावजूद प्रशासन के संज्ञान में आया है कि कुछ लोग खुले में कचरा फेंक रहे हैं, कचरा जला रहे हैं, नदी में कचरा डाल रहे हैं तथा अवैध बैनर व पर्चे सार्वजनिक स्थानों पर फेंक रहे हैं। इन गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए 'नागरी मित्र' दल की ओर से विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। प्लास्टिक विक्रेताओं, होटलों, अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों, व अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच कर सीधे दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।

सड़कों या खाली जगहों पर कचरा फेंकने पर कार्रवाई

अब तक 500 से अधिक प्रतिष्ठानों की जांच की जा चुकी है। छत्रपति संभाजीनगर मनपा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घर व दुकानों का कचरा सीधे सड़कों, डिवाइडर या खाली जगहों पर न फेंका जाए। कचरा केवल घंटा गाड़ियों या निर्धारित ट्रांसफर स्टेशनों पर ही दें। नियमों का उल्लंघन करने पर दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।

बायोमेडिकल वेस्ट बन रहा है गंभीर खतरा

जांच के दौरान कुछ अस्पतालों की ओर से बायो मेडिकल वेस्ट सामान्य कचरे के साथ फेंकने के मामले भी सामने आए हैं। इसे मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा मानते हुए प्रशासन ने संबंधितों पर सख्त कार्रवाई शुरू की है। इस मामले में अब तक 80 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया है। मनपा आयुक्त अमोल येड़गे के निर्देशानुसार 'क्लीन स्ट्रीट' एप के जरिए सार्वजनिक स्थानों की निगरानी की जा रही है। बार-बार नियम तोड़ने वालों पर एफआईआर तक दर्ज करने की तैयारी है।

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