

Cockroach Janata Party Ideology: हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए बड़े छात्र आंदोलन के बाद चर्चा में आई कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर इस नई टोली की विचारधारा क्या है? क्या यह कोई नई राजनीतिक पार्टी है या कुछ और? इन सभी सवालों का जवाब देने के लिए CJP के संस्थापक और नेशनल कन्वीनर अभिजीत दीपके ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और अपनी पार्टी का विज़न डॉक्यूमेंट देश के सामने रखा।
अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि कॉकरोच जनता पार्टी की कोई अलग या नई विचारधारा नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा, हमारी विचारधारा वही है जो भारत के संविधान की विचारधारा है दीपके ने बताया कि CJP उन सपनों के भारत पर यकीन रखती है जिसे डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर, महात्मा गांधी और पंडित जवाहरलाल नेहरू ने देखा था(
डॉ. अंबेडकर का सामाजिक न्याय।
महात्मा गांधी की अहिंसा और शांति।
पंडित नेहरू का आधुनिक भारत का विज़न।
अभिजीत ने कहा कि वे पूरी तरह से सेकुलर और लोकतांत्रिक लोग हैं जो सामाजिक न्याय के लिए निरंतर प्रयत्न करेंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दीपके ने बताया कि CJP का सबसे पहला और बड़ा मुद्दा एजुकेशन रिफॉर्म्स है उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पिछले 10 साल में 94,000 सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए, जिससे प्राइवेट स्कूलों को सीधा फायदा हुआ। आज शिक्षा इतनी महंगी हो गई है कि एक मध्यमवर्गीय परिवार के लिए बच्चे को पढ़ाना सिर पर कर्ज लेने जैसा है। CJP की मांग है कि शिक्षा को संविधान के अनुसार मौलिक अधिकार माना जाए, न कि मुनाफा कमाने का कोई धंधा।
अभिजीत दीपके ने देश की प्रमुख संस्थाओं की गिरती साख पर भी चिंता जताई। उन्होंने चुनाव आयोग (EC) की जवाबदेही पर सवाल उठाए और कहा कि अब मतदाता सरकार नहीं चुन रहे, बल्कि सरकार चुन रही है कि कौन वोट देगा। साथ ही, उन्होंने न्यायपालिका पर कटाक्ष करते हुए कहा कि बड़े बिजनेसमैन के लिए तो मिडनाइट हियरिंग हो जाती है, लेकिन आम आदमी तारीखों के चक्कर में फंसा रहता है।
मीडिया को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यधारा के मीडिया ने उनके आंदोलन को ब्लैक आउट कर दिया था। उन्होंने नसीहत दी कि अगर मीडिया ने जनता के मुद्दों पर बात नहीं की और केवल एक पार्टी का गुणगान किया, तो जनता टीवी देखना बंद कर देगी।
CJP ने घोषणा की है कि वे सितंबर के महीने में एक देशव्यापी अभियान शुरू करेंगे, जिसका नाम होगा- क्या बोलती पब्लिक? यह एक टूर होगा जिसमें वे देश भर के युवाओं से बात करेंगे, क्योंकि देश की 65% आबादी 35 साल से कम उम्र की है और उन्हें अब तक इग्नोर किया गया है।
एक दिलचस्प बात यह रही कि CJP ने फिलहाल राजनीतिक पार्टी बनने से इनकार कर दिया है अभिजीत ने तर्क दिया कि मौजूदा हालात में ED और CBI के जरिए विपक्षी पार्टियों को तोड़ा जा रहा है, ऐसे में एक और पार्टी बनाना उपयोगी नहीं होगा। इसलिए, CJP खुद को एक पब्लिक प्रेशर ग्रुप के रूप में स्थापित करेगी जो सरकार और अन्य पार्टियों पर जनता के मुद्दों के लिए दबाव बनाएगा।
अंत में, 30 वर्षीय अभिजीत दीपके ने अपनी युवा टीम (आशुतोष, सौरभ, रत्ना आदि) का परिचय देते हुए कहा कि यह आंदोलन अब डर को खत्म करने का काम करेगा और लोकतंत्र को फिर से जनता के हाथों में लौटाएगा।