औरंगाबाद. महानगरपालिका (Municipal Corporation) के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (Chief Medical Officer) पद पर राज्य सरकार (State Government) ने करीब तीन माह पूर्व डॉ. पारस मंडलेचा (Dr. Paras Mandlecha) की नियुक्ति की है। उनकी नियुक्ति (Appointment) महानगरपालिका में सालों से कार्यरत कई वैद्यकीय अधिकारियों को खटक रही है।
महानगरपालिका के वैद्यकीय अधिकारियों को मंडलेचा की नियुक्ति इतनी खटकी की उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से संबंधित कार्यक्रम से उन्हें अनभिज्ञ रखते हुए उन्हें न्यौता देना मुनासिब नहीं समझा। इससे खफा हुए डॉ. मंडलेचा ने एक कार्यक्रम में न्यौता न देने को लेकर चिकित्सा अधिकारी डॉ. स्मिता नलगीरकर और डॉ. रवी सावरे को कारण बताओं नोटिस जारी किया है।
मंगलवार की सुबह महानगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग और कमलनयन बजाज अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में टीकाकरण मुहिम का उदघाटन कार्यक्रम सिडको एन-11 अस्पताल के अंतर्गत आनेवाले ताठे मंगल कार्यालय में संपन्न हुआ। सिडको-हडको परिसर के नागरिकों को अधिक से अधिक टीके लगाने के लिए यह कार्यक्रम महनगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग के लिए महत्वपूर्ण था।
परंतु, महानगरपालिका की स्वास्थ्य अधिकारी और उक्त कार्यक्रम की प्रमुख डॉ. स्मिता नलगीरकर एवं एनएचएम के स्वास्थ्य अधिकारी ने डॉ. रवि सावरे ने मिलीभगत करते हुए कार्यक्रम का पूरा नियोजन कर उक्त कार्यक्रम को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारस मंडलेचा को अवगत न कराते हुए और ना ही उन्हें इस कार्यक्रम का न्यौता न देते हुए उसे निपटा दिया। इधर, मंगलवार को संपन्न हुए कार्यक्रम के दिन डॉ. नलगीरकर छुट्टी पर होने की जानकारी सामने आई है। इसलिए वह इस मामले से कन्नी काट रही है। इस बारे में नवभारत ने डॉ. स्मिता नलगीरकर से दूरभाष पर संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि वह गत सोमवार से छुट्टी पर है।
महानगरपालिका सूत्रों ने बताया कि वैसे, जबसे डॉ. पारस मंडलेचा ने ममहानगरपालिका की मुख्य चिकित्सा अधिकारी का पदभार संभाला है, तबसे महानगरपालिका में सालों से अपनी मनमानी कर स्वास्थ्य विभाग में अपना दबदबा जमाए हुए स्वास्थ्य अधिकारियों को उनकी नियुक्ति खटक रही है। मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम की मुख्य संयोजक डॉ. स्मिता नलगीरकर और डॉ. रवि सावरे ने किसके इशारे पर डॉ. पारस मंडलेचा को उक्त कार्यक्रम से अनभिज्ञ रखते हुए उन्हें न्योता क्यों नहीं दिया, इस बात को लेकर कई सवाल उभर रहे है।
कार्यक्रम के चंद घटों बाद ही डॉ. मंडलेचा को स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख के नाते उन्हें अवगत न कराते हुए संपन्न हुए कार्यक्रम पर उन्होंने डॉ. स्मिता नलगीरकर और डॉ. रवि सावरे को कारण बताओं नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। उधर, नवभारत को महानगरपालिका सूत्रों ने बताया कि महानगरपालिका में मुख्य चिकित्सा अधिकारी -2 कोई पद हीं नहीं है। इसके बावजूद यह पद होने का होने का दिखावा कर एक अधिकारी द्वारा कई फाईलों और एनएचयूएम के विविध चेकों पर हस्ताक्षर किए जा रहे है। जबकि, यह अधिकार डॉ. पारस मंडलेचा के है। सोमवार शाम राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे के हाथों सिल्क मिल कालोनी के मनपा स्वास्थ्य केन्द्र में प्रथम डिजीटल एक्स रे मशिन का उदघाटन हुआ। इस कार्यक्रम में भी डॉ. मंडलेचा के साथ दूजाभाव करने की जानकारी सामने आयी है। उधर, जबसे डॉ. मंडलेचा ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी का पदभार संभाला हैं, वे तबसे स्वास्थ्य विभाग में सालों से विविध कार्यों में जारी धांधलियों को ब्रेक लगाने के लिए कड़े कदम उठा रहे है। लेकिन, कुछ अधिकारी जान बूझकर उन्हें परेशान किए हुए है।