

Chhatrapati Sambhajinagar Whatsapp Scam: साइबर अपराधियों ने कंपनी के संचालक की व्हाट्सऐप प्रोफाइल फोटो का दुरुपयोग कर फर्जी अकाउंट बनाया और कंपनी के अकाउंटेंट को 20 लाख रुपये ट्रांसफर करने का झांसा देकर बड़ी ठगी को अंजाम दिया।
यह घटना अदालत रोड स्थित गिरनार कॉम्प्लेक्स में संचालित इन्फिनिटी गैलेस प्राइवेट लिमिटेड में सामने आई। कंपनी के संचालक चिदेश जैन ने वेदांत नगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस के अनुसार, चिदेश जैन 26 जुलाई को अपने व्यावसायिक साझेदार शैलेश पटेल के साथ काम के सिलसिले में बेंगलुरु गए थे।
इसी दौरान साइबर ठगों ने उनकी प्रोफाइल फोटो लगाकर फर्जी व्हाट्सऐप अकाउंट बनाया और कंपनी के अधिकृत मोबाइल नंबर पर पहले बैंक खाते का बैलेंस पूछा, फिर 30 लाख रुपये भेजने का निर्देश दिया। बाद में दूसरा संदेश भेजकर 20 लाख रुपये RTGS के माध्यम से यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक में विकाशा इंफ्रा कॉन्ट्रैक्टर OPC प्रा. लि. के खाते में जमा करने को कहा।
कंपनी में पिछले 15 वर्षों से कार्यरत अकाउंटेंट भीमराव म्हस्के ने संदेश को संचालक का आदेश समझकर 27 जुलाई को बताए गए खाते में 20 लाख रुपये RTGS के जरिए ट्रांसफर कर दिए। दो दिन बाद, 29 जुलाई को जब वे भुगतान संबंधी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने के लिए चिदेश जैन के पास पहुंचे, तब जैन ने स्पष्ट किया कि उन्होंने ऐसा कोई संदेश नहीं भेजा था।
इसके बाद व्हाट्सऐप चैट की जांच में फर्जी प्रोफाइल से भेजे गए संदेश सामने आए। बैंक से पुष्टि करने पर पता चला कि 20 लाख रुपये संबंधित खाते में ट्रांसफर हो चुके हैं। घटना के बाद कंपनी प्रबंधन के होश उड़ गए और पूरे मामले की सूचना तत्काल साइबर पुलिस को दी गई।
धोखाधड़ी का खुलासा होने के बाद कंपनी संचालक ने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद मामला वेदांत नगर पुलिस थाने को स्थानांतरित किया गया, जहां अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस निरीक्षक श्रीनिवास रायेलाचार के मार्गदर्शन में जांच जारी है।
पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, बैंक लेन-देन और व्हाट्सऐप प्रोफाइल से जुड़े तकनीकी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों ने कंपनियों और कारोबारियों से अपील की है कि किसी भी बड़े वित्तीय लेन-देन से पहले केवल व्हाट्सऐप संदेश पर भरोसा न करें, बल्कि फोन या अन्य आधिकारिक माध्यम से पुष्टि अवश्य करें, ताकि इस तरह की साइबर ठगी से बचा जा सके।