

Sambhajinagar Jayakwadi Water Scheme: छत्रपति संभाजीनगर नई जलापूर्ति योजना के अंतर्गत जैकवेल से पंपिंग कर मुख्य जलवाहिनी का परीक्षण किया जा रहा है। लेकिन एयर वाल्व से पानी के रिसाव के कारण यह प्रक्रिया सोमवार को बाधित हो गई। रविवार को परीक्षण के दौरान मुख्य जलवाहिनी से पानी को फारोला तक पहुंचाया गया।
वहां स्थित स्क्रोल वाल्व से पानी बाहर निकलने के बाद उसे बंद कर दिया गया। इसके बाद पाइपलाइन में पानी आगे बढ़ाया जा रहा था। तभी 600 मिमी व्यास का एयर वाल्व बंद न होने के कारण उसमें से पानी तेजी से बाहर निकलने लगा।
वाल्व के पास बने गड्ढे में बड़ी मात्रा में पानी जमा हो गया। इस पानी को निकालने के लिए जीवीपीआर कंपनी ने पूरे दिन प्रयास किए। वाल्व से लगातार पानी निकलने के कारण गड्ढे में भरा पानी बाहर निकालना मुश्किल हो गया और कर्मचारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
सोमवार देर रात तक पंप की मदद से पानी निकालने और वाल्व बंद करने का काम जारी था। इसी कारण सोमवार को जलवाहिनी का परीक्षण नहीं हो सका।
यह जानकारी महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (मजीप्रा) के अधिकारियों ने दी है। नई जलापूर्ति योजना के तहत जायकवाड़ी से नक्षत्रवाड़ी तक 2500 मिमी व्यास की मुख्य जलवाहिनी बिछाई गई है।
इस पाइपलाइन से लगभग 28 किलोमीटर की दूरी तय कर पानी को फारोला तक लाश गया, इसके बाद पानी को आगे बढ़ाने के दौरान फारोला के पास लगाए गए दी वाल्चों में से 600 मिमी व्यास का एयर वाल्व बंद नहीं किया गया था।
जिससे पानी बाहर निकलने लगा जलवाहिनी से तेज दबाव के साथ निकले पानी के कारण गड्ढे में तालाब जैसी स्थिति चन गई और वाल्व भी पानी में डूब गया।
इस घटना से मजीप्रा और जीवीपीआर कंपनी के अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया, पानी निकालने के लिए पंप मंगवाकर लगातार पंपिंग की गई, लेकिन पाइपलाइन से पानी आते रहने के कारण गड्ढे में पानी भरता रहा, सोमवार सुबह से फिर से पानी निकालने का काम शुरू किया गया। देर रात तक पंपिग कर वाल्व बंद करने की कोशिश जारी रही।