

Sambhajinagar Electricity Fraud: छत्रपति संभाजीनगर गंगापुर तहसील के विभिन्न गांवों में बिजली वितरण कंपनी महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड द्वारा चलाए गए विशेष अभियान में बड़े पैमाने पर बिजली चोरी का मामला सामने आया है।
जांच के दौरान 47 लोग अवैध रूप से बिजली का उपयोग करते पाए गए। निर्धारित बिल और समझौता शुल्क जमा करने से बचने के कारण सभी आरोपियों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज किया गया है।
इस कार्रवाई से क्षेत्र में बिजली चोरी करने वालों में हड़कंप मच गया है। मालीवाड़ा स्थित महावितरण कार्यालय के तत्कालीन सहायक अभियंता मोहम्मद अब्दुल हकीम और वरिष्ठ तकनीशियन नितीश पाल्हाल ने 3 जुलाई 2024, 3 और 4 मार्च 2025 तथा 12 जून 2025 को गंगापुर तहसील के जांभाला, टाकली कदीम, टाकली वाड़ी और वरझडी गांवों में जांच अभियान चलाया, जांच में कई लोगों को विद्युत लाइन पर सर्विस वायर के जरिए आकड़ा लगाकर अवैध रूप से बिजली चोरी करते हुए पाया गया।
इन गांवों वी 17 लोगों द्वारा कुल 7,633 यूनिट बिजली चोरी की गई, जिसकी कीमत 1 लाख 61 हजार 502 रुपये आंकी गई इसी तरह 2 और 11 सितंबर 2024 तथा 1 जनवरी और 12 जून 2025 को मालीवाड़ा, कतिवाबाद, पेकलवाड़ी और इस्माइलपुर गांवों में की गई जांच में 16 लोग बिजली चोरी करते पाए गए।
इन लोगों ने कुल 8,880 यूनिट बिजली चोरी की, जिसकी राशि 1 लाख 75 हजार 399 रुपये है। इसके अलावा 3 और 19 सितंबर 2024 तथा 2 और 3 अप्रैल 2025 को आसेगाव, अंबेगांव और खोजेवाडी गांवों में जाच के दौरान 14 लोगों द्वारा 4.983 यूनिट बिजली चोरी की गई। जिसकी कीमत 1 लाख 8 हजार 296 रुपये बलाई गई। महावितरण ने सभी 47 आरोपियों पर बिजली चोरी का बिल और समझौता शुल्क लगाया था।