Sambhajinagar: 12 जून से छत्रपति संभाजीनगर में नियमित जलापूर्ति; प्रशासन ने हाई कोर्ट में दिया आश्वासन

Sambhajinagar Water Issue: हाई कोर्ट के निर्देश के बाद प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि छत्रपति संभाजीनगर में 12 जून से नियमित और 22 जून से कम अंतराल पर जलापूर्ति शुरू होगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
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Sambhajinagar Water Supply Issue: नई जलापूर्ति योजना के तहत छत्रपति संभाजीनगर शहर के अधिकांश क्षेत्रों में 12 जून के बाद नियमित पानी सप्लाई शुरू करने का आश्वासन प्रशासन ने उच्च न्यायालय में दिया है। साथ ही 22 जून के बाद जलापूर्ति में तीन दिन से अधिक का अंतराल नहीं रहेगा। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति रविंद्र घुगे और न्यायमूर्ति हितेन वेनेगावकर ने नई जलापूर्ति योजना की परीक्षण और वितरण प्रक्रिया का समयबद्ध कार्यक्रम प्रस्तुत किया।

संभाजीनगर शहर में लगातार बनी हुई पानी की समस्या को लेकर चल रही सुनवाई में आकलन किया। संभाजीनगर  न्यायालय द्वारा नियुक्त विभागीय आयुक्त जी श्रीकांत ने परियोजना की जानकारी दी। महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के सदस्य सचिव रंगा नाइक के साथ बैठक की रिपोर्ट भी कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की गई।

मई महीने में परीक्षण का काम पूरा करने के निर्देश

न्यायालय ने 9 से 12 मई के बीच जैकवेल से जलशुद्धीकरण केंद्र तक पानी पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही 19 मई तक जलशुद्धीकरण केंद्र में पानी की स्थिरता सुनिश्चित करने को कहा गया है। न्यायालय ने 21 और 22 मई के दौरान जलशुद्धीकरण केंद्र से एमबीआर तक पानी पहुंचाने के निर्देश भी दिए।

18 टंकियों की जांच के बाद शुरू की जाएगी आपूर्ति

संभाजीनगर  न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शहर की सभी 18 पानी टंकियों का परीक्षण 22 मई से 12 जून के बीच पूरा किया जाए। इसके बाद 12 जून से टंकियों तक पानी पहुंचा कर नागरिकों को नियमित जलापूर्ति शुरू की जाए। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने परियोजना में किसी प्रकार की देरी नहीं होने देने के निर्देश भी प्रशासन को दिए। शहर के नागरिकों को लंबे समय से नियमित जलापूर्ति का इंतजार है और अब इस परियोजना की प्रगति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

बता दे कि शहर की दीर्घकालीन जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बनाई जा रही 2740 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी योजना गंभीर तकनीकी खामियों के कारण सवालों के घेरे में है। जायकवाडी बांध स्थित जैकवेल में पाई गई बड़ी त्रुटियों ने चिंता बढ़ा दी है। हैरानी की बात यह है कि न्यायालयीन समिति द्वारा दिए गए स्पष्ट निर्देशों के बावजूद मरम्मत कार्य अधूरा है, फिर भी नई पाइपलाइन से पानी आपूर्ति शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

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