प्रतिनिधि बदले, लेकिन समस्याएं जस की तस-मतदाताओं की नाराज़गी; प्रभाग 11 के मतदाता नाराज़

Old Colony Issues: मनपा चुनाव की पृष्ठभूमि में प्रभाग क्रमांक 11 की करीब 40 वर्ष पुरानी बस्तियों की समस्याओं का उम्मीदवारों द्वारा जायजा लिया जा रहा है। मतदाता इस बार ठोस आश्वासन की मांग कर रहे हैं।
Representatives changed, but the problems remain the same - voter dissatisfaction; voters in Ward 11 are unhappy.
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Sambhajinagar Municipal Election: छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका चुनाव की पृष्ठभूमि में प्रभाग क्रमांक 11 स्थित करीब 40 वर्ष पुरानी बस्तियों की समस्याओं का उम्मीदवारों द्वारा जायजा लिया जा रहा है।

इस प्रभाग में लंबे समय से रह रहे नागरिकों को आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इसी को लेकर चुनावी मैदान में उतरे उम्मीदवार मतदाताओं से संवाद कर समस्याएं जानने में जुटे हैं।

प्रभाग 11 में सिडको, हडको सहित कई पुरानी कॉलोनियां शामिल हैं। इन इलाकों में वर्षों पहले आबादी बसने के बावजूद सुविधाओं का अपेक्षित विकास नहीं हो पाया है।

नागरिकों का कहना है कि अब तक कई बार प्रतिनिधि बदले। लेकिन समस्याएं जस की तस बनी रहीं। इसी कारण इस बार मतदाता उम्मीदवारों से ठोस आश्वासन की उम्मीद कर रहे हैं।

जलनिकासी की समस्या बनी गंभीर

बारिश के मौसम में इस प्रभाग के कई हिस्सों में पानी जमा हो जाता है। नालियों की क्षमता कम होने और जलनिकासी व्यवस्था कमजोर होने के कारण नागरिकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। कई बार घरों और दुकानों में पानी घुस जाता है। जिससे आर्थिक नुकसान भी होता है। मतदाताओं का कहना है कि जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था उनकी पहली मांग है।

प्रभागों में पार्किंग और सिग्नल की बड़ी समस्या बरकरार

प्रभाग 11 में व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ने से यातायात का दबाव भी बढ़ा है। मुख्य सड़कों पर पार्किंग की उचित व्यवस्था नहीं होने से अक्सर जाम की स्थिति बनती है।

इसके साथ ही कई चौक और चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल नहीं होने से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। नागरिकों ने उम्मीदवारों के सामने पार्किंग और ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर नाराजगी जाहिर की है।

उम्मीदवारों का कहना है कि चुनाव जीतने के बाद वे प्राथमिकता के आधार पर जलनिकासी। सड़क, पार्किंग और ट्रैफिक सिग्नल जैसी समस्याओं को हल करने का प्रयास करेंगे। अब देखना यह होगा कि मतदाता किस उम्मीदवार पर भरोसा जताते हैं और किसे इस 40 वर्ष पुरानी बस्ती के विकास की जिम्मेदारी सौंपते हैं।

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