विजन 2047: छत्रपति संभाजीनगर को ग्लोबल सिटी बनाने के लिए सिटी ट्रांसफॉर्मेशन यूनिट का होगा गठन
City Transformation Unit: छ. संभाजीनगर विजन 2047 को साकार करने के लिए सिटी ट्रांसफॉर्मेशन यूनिट बनेगी। समीर राजूरकर ने विश्व बैंक के साथ बैठक में शहर के विकास व जल सुरक्षा का मास्टर प्लान साझा किया
- Written By: गोरक्ष पोफली
मेंयर कार्यालय में जारी बैठक (सोर्स: फाइल फोटो)
Chhatrapati Sambhajinagar Vision 2047: शहर के नियोजित और सर्वांगीण विकास को एक नई दिशा देने के लिए महापालिका प्रशासन अब ‘छत्रपति संभाजीनगर 2047’ विजन पर काम शुरू कर चुका है। राज्य सरकार के ‘विकसित महाराष्ट्र 2047’ अभियान की तर्ज पर अब शहर के लिए भी एक समर्पित ‘सिटी ट्रांसफॉर्मेशन यूनिट’ (City Transformation Unit) की स्थापना की जाएगी। यह महत्वपूर्ण जानकारी महापौर समीर राजूरकर ने विश्व बैंक (World Bank) के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ आयोजित एक विशेष बैठक के दौरान दी।
विश्व बैंक के साथ विकास का रोडमैप
महापौर कार्यालय में हुई इस बैठक में शहर की आधारभूत सुविधाओं (Infrastructure) की वर्तमान स्थिति और भविष्य की जरूरतों पर विस्तार से मंथन किया गया। बैठक में आर्थिक सुदृढ़ीकरण, आधुनिक जल प्रबंधन और स्वच्छता व्यवस्था जैसे प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई। विश्व बैंक के विशेषज्ञों ने शहर के विकास के लिए प्रस्तावित विभिन्न परियोजनाओं में गहरी रुचि दिखाई और तकनीकी सहायता का आश्वासन दिया।
दीर्घकालीन जल सुरक्षा और नदी संरक्षण
महापौर समीर राजूरकर ने बैठक में शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली खाम और सुखना नदियों के प्रदूषण नियंत्रण पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि ड्रेनेज के पानी को नदियों में जाने से रोकने के लिए पालिका ने ठोस कदम उठाए हैं। भविष्य की योजना के बारे में उन्होंने कहा कि केवल वर्तमान जल स्रोतों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा, इसलिए नए जल स्रोतों को विकसित करना उनकी प्राथमिकता है ताकि 2047 तक नागरिकों को निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
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आर्थिक मजबूती के लिए डिजिटल सुधार
छत्रपति संभाजीनगर के विकास के लिए धन की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु महापौर ने कर वसूली (Tax Collection) व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन की बात कही। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि संपत्तियों का हर पांच वर्ष में पुनः सर्वेक्षण (Re-survey) किया जाए और इसे पूरी तरह डिजिटल बनाया जाए। इस पारदर्शी प्रणाली से न केवल पालिका का राजस्व बढ़ेगा, बल्कि नागरिकों को भी सुविधाएं प्राप्त करने में आसानी होगी।
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क्या है सिटी ट्रांसफॉर्मेशन यूनिट?
इस यूनिट की सबसे बड़ी विशेषता इसकी स्वायत्तता होगी। महापौर ने स्पष्ट किया कि इसकी संरचना इस तरह तैयार की जाएगी कि शहर में प्रशासनिक तबादलों या राजनीतिक सत्ता परिवर्तन का इसकी योजनाओं पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े। यह यूनिट एक थिंक-टैंक के रूप में काम करेगी जो शहर के विकास कार्यों की सतत निगरानी और भविष्य का नियोजन करेगी। इसके लिए विशेषज्ञ संगठनों और ‘मित्रा’ जैसी संस्थाओं के साथ सामंजस्य करार (MoU) भी किए जाएंगे। बैठक में विश्व बैंक की ओर से वरिष्ठ जल विशेषज्ञ हर्ष गोयल, वित्त विशेषज्ञ अंकुश शर्मा और श्रीनिवास राव पोडीपिरेड्डी सहित महापालिका के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट
